उत्तराखंड के कोटद्वार से आई तस्वीरें बेहद दुखद हैं. एक मां अपनी डेढ़ साल की बच्ची को गोद में लेकर घर लौट रही थी. रास्ते में एक नदी पार करनी थी. मां बच्ची को संभालते हुए आगे बढ़ रही थी. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. बच्ची अचानक मां की गोद से छूट गई और नदी के तेज बहाव में बहने लगी. मां ने बेटी को बचाने के लिए दौड़ लगा दी. लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि मां भी उसकी चपेट में आ गईं.
कुछ ही पलों में दोनों आंखों से ओझल हो गईं. मौके पर मौजूद लोग देखते रह गए. बचाने की कोशिश हुई, लेकिन तेज बहाव के आगे किसी की नहीं चली. ये दर्दनाक हादसा 1 सितंबर को कोटद्वार के स्नेह क्षेत्र की कोल्हू नदी में हुआ.
26 साल की जेनम अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ मायके गई थी. उसका मायका गांव कोट कादरा गंज बिजनौर में है. वहां से वापस लौटते वक्त उसे कोल्हू नदी पार करनी थी. नदी में पानी का बहाव तेज था. इसी दौरान जेनम की गोद में मौजूद आफिया अचानक उनके हाथ से छूट गई. डेढ़ साल की बच्ची पानी में बहने लगी.

मां ने शायद उस पल कुछ और सोचा ही नहीं. बेटी को बचाने के लिए वह भी नदी की तरफ बढ़ गई. लेकिन नदी किसी की नहीं सुन रही थी.
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तेज बहाव जेनम को भी अपने साथ बहा ले गया. मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को बचाने की कोशिश की. लोग मदद के लिए आगे आए, लेकिन बहाव इतना तेज था कि दोनों तक पहुंचना मुश्किल था. फिर पुलिस को सूचना दी गई.

कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची. नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. टीम ने नदी के आसपास काफी दूर तक तलाश की. परिवार के लोग भी अपनी जान जोखिम में डालकर मां-बेटी को तलाशने की कोशिश करते रहे. काफी मशक्कत के बाद SDRF और पुलिस को नदी से दोनों के शव बरामद हुए. एक तरफ 26 साल की मां जेनम थी. दूसरी तरफ उनकी महज डेढ़ साल की बेटी आफिया. दोनों की जिंदगी एक साथ खत्म हो गई.

हादसे की खबर जब परिवार तक पहुंची तो कोहराम मच गया. घर में जिस बच्ची की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब मातम है. जिस मां की गोद में डेढ़ साल की बच्ची सुरक्षित महसूस करती होगी, उसी मां के साथ वह इस दुनिया से चली गई. एक बच्ची मां की गोद से छूटी थी... और उसे बचाने के लिए मां ने अपनी जान लगा दी. लेकिन दोनों को नदी का बहाव अपने साथ ले गया. बरसात के दौरान पहाड़ी नदियों का मिजाज कितनी तेजी से बदल सकता है, ये घटना उसकी भी एक डरावनी तस्वीर है.
नदी का पानी भले कुछ पल के लिए सामान्य दिखाई दे, लेकिन तेज बहाव में एक छोटी सी चूक भी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है. इस हादसे में जेनम चली गईं. उनकी डेढ़ साल की बेटी भी चली गई. पीछे रह गए परिवार के लोग... और एक ऐसा दर्द, जिसे शायद पूरी जिंदगी भुलाया नहीं जा सकेगा.