अमेरिका ने भारत के साथ होने वाली पहली 2+2 वार्ता को 'अपरिहार्य कारणों' से स्थगित कर दिया है. अमेरिका ने इसके लिए खेद भी जताया है.
भारत-अमेरिका के बीच 2+2 वार्ता छह जुलाई को होने वाली थी. इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पिओ और अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ बैठक के लिए अमेरिका जाने वाली थीं.
इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि इस वार्ता के दौरान टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम के बारे में बातचीत होगी और रूस से करीब 39,000 करोड़ रुपये के एस-400 सौदे को रोकने के लिए अमेरिका भारत को किफायती दाम पर अपने बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए मनाने की कोशिश कर सकता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बुधवार रात को ट्वीट किया, 'अमेरिकी मंत्री पोम्पिओ ने कुछ देर पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की और अमेरिका द्वारा अपरिहार्य कारणों से 2+2 वार्ता स्थगित करने को लेकर खेद और गहरी निराशा व्यक्त की.'
US spoke to EAM a short while ago to express his regret and deep disappointment at the US having to postpone the 2+2 Dialogue for unavoidable reasons. 1/2
— Raveesh Kumar (@MEAIndia)
उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, ‘अमेरिकी मंत्री पोम्पिओ ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सहमति मांगी है और वे भारत या अमेरिका में यथाशीघ्र वार्ता करने के लिए आपसी सुविधा वाली तारीख तलाशने को राजी हो गए हैं.'
क्या है 2+2 वार्ता
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पिओ और अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के साथ बैठक के लिए अमेरिका जाने वाली थीं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जून 2017 में जब अमेरिका की यात्रा पर गए थे, उस वक्त दोनों देशों के बीच बातचीत के इस नए प्रारूप पर सहमति बनी थी.
इसके बाद से दोनों देश कई बार तारीखों पर विचार कर वार्ता का कार्यक्रम निर्धारित करने की कोशिश कर चुके हैं. लेकिन दोनों देशों के बीच ट्रेड पर बने तनाव के बीच अचानक अमेरिका ने अपरिहार्य कारण बताकर यह वार्ता स्थगित कर दी है.
पिछले हफ्ते भारत ने कहा था कि अमेरिका द्वारा स्टील और एल्युमिनियम पर आयात कर बढ़ाने के विरोध में वह अमेरिका से होने वाले 29 वस्तुओं के आयात पर टैक्स बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.
वार्ता स्थगित करने के अमेरिका के एकतरफा निर्णय से कुछ समय पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत कई वस्तुओं पर 100 फीसदी तक का आयात कर लगा रहा है. पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, 'भारत जैसे कई ऐसे देश हैं जो 100 फीसदी तक टैरिफ लगा रहे हैं. हम चाहते हैं कि वे इसे हटाएं.'
इस साल की शुरूआत में भी 2+2 वार्ता को स्थगित किया गया था. दरअसल, उस वक्त पोम्पिओ के के तौर पर नियुक्ति की पुष्टि नहीं हुई थी. अप्रैल में पोम्पिओ को विदेश मंत्री बनाए जाने की पुष्टि हुई.
इस वार्ता को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. बैठक में रणनीतिक, सुरक्षा और मजबूत करने पर जोर दिए जाने की उममीद है.
(PTI इनपुट पर आधारित)