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BHU में लगातार हो रहीं घटनाएं सुरक्षा इंतजाम पर प्रश्नचिह्न

इसी साल अब तक BHU में मारपीट-हिंसा की कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं और हर बार यह घटनाएं परिसर के अंदर सुरक्षा इंतजामात पर प्रश्नचिह्न लगा जाती हैं.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

छेड़छाड़ के खिलाफ सुरक्षा की मांग में छात्राओं के विरोध-प्रदर्शन के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय BHU इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है. शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज करने, हॉस्टल में बिजली-पानी की सप्लाई बंद करने और विरोध-प्रदर्शन को दबाने के लिए समय से पहले ही अवकाश घोषित करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, वीसी जगदीश चंद्र त्रिपाठी और शहर प्रशासन की चारों ओर से आलोचना हो रही है.

इसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान वहां तो रास्ता बदल निकल लिए, लेकिन अब स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने सुध ली है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है.

आपको जानकर चौंक जाएंगे की इसी साल अब तक BHU में मारपीट-हिंसा की कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं और हर बार यह घटनाएं परिसर के अंदर सुरक्षा इंतजामात पर प्रश्नचिह्न लगा जाती हैं.

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आइए जानते हैं इस साल BHU में कौन से बड़े विवाद छिड़े -:

2 फरवरी, 2017 - विश्वविद्यालय परिसर के बीचोबीच भव्य विश्वनाथ मंदिर है, जो छात्र-छात्राओं सहित शहरवासियों और बाहर से वाराणसी घूमने आए लोगों के लिए भी पर्यटन का मुख्य आकर्षण है. इसी विश्वनाथ मंदिर के पास एग्रिकल्चर डिपार्टमेंट है. 2 फरवरी, 2017 को बीएससी कृषि के एक छात्र के साथ विश्वनाथ मंदिर के पास कुछ लोगों ने मारपीट की. इस मुद्दे पर भी विद्यार्थियों ने परिसर में जमकर हंगामा किया. प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स ने विद्यार्थियों की सुरक्षा की मांग को लेकर तोड़फोड़ भी की और चक्काजाम भी कर दिया.

18 फरवरी, 2017 - BHU का मुख्य प्रवेश द्वार लंका गेट पर इसी साल 18 फरवरी को दुकानदारों और विद्यार्थियों के बीच जमकर मारपीट की घटना हुई. विद्यार्थियों और दुकानदारों के बीच करीब एक घंटे तक चले गुरिल्ला युद्ध में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गई और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी तक आना पड़ा. अंततः पीएसी लगानी पड़ी.

गौरतलब है कि इस घटना के पीछे भी किसी छात्रा के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई थी.

7-8 अप्रैल, 2017 - पिछले विवाद के दो महीने भी न बीते थे कि एकबार फिर विश्वविद्यालय परिसर हिंसा की भेंट चढ़ गया. इस बार हंगामा जूनियर और सीनियर विद्यार्थियों के बीच हुआ. दरअसल विवाद फेयरवेल पार्टी के लिए हॉल एलॉट न होने के विरोध में धरने पर बैठे एमए दर्शन विभाग और बीए के छात्रों के बीच हुआ. धरना स्थल की ओर से आने-जाने को लेकर यह विवाद उठा. राजा राम मोहन राय हॉस्टल के विद्यार्थियों के भारतेंद्र हरिश्चंद्र हॉस्टल में घुसकर जूनियर विद्यार्थियों को डराने-धमकाने के बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया.

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इस मुद्दे पर दो दिन तक विश्वविद्यालय परिसर गर्म रहा और इस दौरान कथित तौर पर हवाई फयरिंग और हॉस्टल में तोड़फोड़ तक हुई. इस बार भी विश्वविद्यालय प्रशासन मूक-दर्शक बना रहा.

8 सितंबर, 2017 - साल की तीसरा बवाल रैगिंग के चलते हुआ. कला संकाय में एक छात्रा के साथ रैगिंग के बाद बीड़ला-ए और लालबहादुर शास्त्री छात्रावासों के विद्यार्थियों के बीच जमकर बवाल हुआ, पत्थरबाजी हुई और आगजनी भी की गई. एकबार फिर विश्वविद्यालय छावनी में तब्दील हो गया. विश्वविद्यालय प्रशासन से स्थिति संभलती न देख एसपी सिटी, एडीएम सिटी, कई सीओ के अलावा शहर के 13 थानों की फोर्स लगानी पड़ी.

23 सितंबर, 2017 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय दौरे से ठीक एक दिन पहले 23 सितंबर को भारत कला भवन के पास बीएफए (फाइन आर्ट) द्वितीय वर्ष की एक छात्रा के साथ कुछ बाइक सवारों ने बदसलूकी की. लेकिन छात्रा ने अपने हॉस्टल की वार्डन से इसकी शिकायत की तो उल्टे वह छात्रा को ही डांटने लगीं. इस पर छात्राएं भड़क गईं और विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा उपाय अपनाए जाने की मांग करने लगीं.

लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रही छात्राओं की मांग सुनने की बजाय सुरक्षा कर्मियों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई और छात्राओं के साथ छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी और आगजनी की. इस ताजा विवाद के बाद BHU परिसर अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है.

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