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राफेल पर RSS ने कहा- डिफेंस डील में होनी चाहिए पारदर्शिता

राफेल सौदे पर आरएसएस ने भी अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि रक्षा जैसे मामलों में पारदर्शिता लाई जानी चाहिए.

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आरएसएस के कार्यकारी प्रमुख सुरेश भैयाजी जोशी (फोटो-ट्विटर)
आरएसएस के कार्यकारी प्रमुख सुरेश भैयाजी जोशी (फोटो-ट्विटर)

राफेल सौदे पर कांग्रेस और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जारी लगातार हमले के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी अपना रुख साफ कर दिया है. आरएसएस का कहना है कि अगर सौदे को लेकर कोर्ट रिपोर्ट मांगती है तो सरकार को इसका फैसला लेना होगा.

आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने राफेल सौदे पर संघ का रुख साफ करते हुए कहा कि अगर कोर्ट इस संबंध में रिपोर्ट मांगती है तो इस पर सरकार को फैसला लेना होगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता अपनाई जानी चाहिए.

इससे पहले कांग्रेस के ने राफेल सौदे को लेकर एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला. राफेल सौदे पर राहुल ने आरोप लगाया कि आखिरकार अनिल अंबानी की कंपनी को ही इसका ठेका क्यों दिया गया. जब अनिल अंबानी की कंपनी घाटे में चल रही थी तो उसे दसॉ ने 284 करोड़ रुपये क्यों दिए.

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ने आरोप लगाया कि अनिल अंबानी की कंपनी के पास तो जमीन भी नहीं थी, जो पैसा दसॉ ने दिया उसी पैसे से उन्होंने जमीन खरीदी. अंबानी की कंपनी को जानबूझकर फायदा पहुंचाया गया. राफेल डील की वजह से ही सीबीआई के चीफ को हटाया गया क्योंकि मोदी और अनिल अंबानी के बीच में पार्टनरशिप थी, हमारा काम पूरे देश को सच बताना है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस डील में मनोहर पर्रिकर की कोई गलती नहीं है, पर्रिकर ने भी देश को बताया दिया था कि फैसला मेरा नहीं बॉस का है. कोई भी डिफेंस डील करने से पहले कैबिनेट डील की जरूरत होती है, लेकिन ये बैठक डील होने के बाद हुई है.

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मामले में जेपीसी का गठन हो. उन्होंने सीबीआई चीफ को भी हटा दिया, प्रधानमंत्री रात को सो नहीं पा रहे हैं. प्रधानमंत्री जांच से डर रहे हैं, यही कारण है कि उन्होंने सीबीआई चीफ को हटा दिया.

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