scorecardresearch
 

मोदी सरकार के शपथ ग्रहण से पहले वीएचपी ने अपनी मांगें रखी

नरेंद्र मोदी सरकार के केंद्र की सत्ता संभालने की तैयारी के बीच बीजेपी के सहयोगी संगठन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने एक इच्छासूची जारी की जिसमें राम मंदिर से लेकर गौहत्या तक विभिन्न मुद्दों पर कानून बनाना शामिल है और वह चाहती है कि इनका समाधान संवैधानिक ढांचे में रहकर हो.

Advertisement
X
अशोक सिंघल
अशोक सिंघल

नरेंद्र मोदी सरकार के केंद्र की सत्ता संभालने की तैयारी के बीच बीजेपी के सहयोगी संगठन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने एक इच्छासूची जारी की जिसमें राम मंदिर से लेकर गौहत्या तक विभिन्न मुद्दों पर कानून बनाना शामिल है और वह चाहती है कि इनका समाधान संवैधानिक ढांचे में रहकर हो.

विहिप जिन अन्य मुद्दों का समाधान चाहती है उनमें समान नागरिक संहिता भी शामिल है. इसके साथ ही विहिप चाहती है कि ‘‘शाश्वत समग्र संस्कृति’’ की रक्षा के लिए उसकी जरूरी बातों को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए. इसके साथ ही विहिप धर्मांतरण पर कानूनी रोक चाहती है.

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को जो पूर्ण बहुमत मिला है वह गांधीजी के रामराज्य और सुराज के विचार और सिद्धांतों की सफलता के लिए है.

राम मंदिर निर्माण के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंघल ने कहा कि केंद्र में एक मजबूत सरकार बनने के साथ ही वह (मंदिर) निश्चित तौर पर ‘मजबूती’ से बनेगा.

इसके लिए समयसीमा तय करने के लिए जोर डाले जाने पर सिंघल ने कहा कि अधीर होने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने दावा किया कि ‘मंदिर विकास की शुरुआत श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तथा सरकार द्वारा अपने हाथ में लिए गए हजारों मंदिरों की स्वायत्तता सुनिश्चित करके होगा.’ सिंघल ने कई अन्य मुद्दों को सूचीबद्ध किया और कहा कि ये हिंदुत्व से संबंधित हैं और जिन पर भारतीय संविधान के दायरे में काम किया जा सकता है.

Advertisement

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शपथग्रहण के लिए निमंत्रण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह ‘औपचारिकता’ है जिसके होने दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि भारत का पड़ोसी देशों के प्रति अच्छा व्यवहार होना चाहिए.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement