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नारे थमे, टेंट हटे और सड़कें धोई गईं... 37 दिन बाद एकदम नई है जंतर-मंतर की सुबह

जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से चल रहा CJP का आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आखिरकार खत्म हो गया है. आंदोलन खत्म होने के बाद आज रविवार सुबह जंतर-मंतर का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया.

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36 दिन के प्रोटेस्ट के बाद जंतर-मंतर खाली हो गया है. धरनास्थल पर महा-सफाई अभियान चलाया जा रहा है. (फोटो-PTI)
36 दिन के प्रोटेस्ट के बाद जंतर-मंतर खाली हो गया है. धरनास्थल पर महा-सफाई अभियान चलाया जा रहा है. (फोटो-PTI)

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से चल रहा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का बड़ा आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है. नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर युवाओं और छात्रों के इस प्रदर्शन के बाद शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना धरना वापस ले लिया है. आंदोलन खत्म होने के बाद आज रविवार सुबह जंतर-मंतर का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया.

महीनों से जंतर-मंतर पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी. हर तरफ टेंट, बड़े-बड़े मंच, लाउडस्पीकर की आवाजें और 'इंकलाब' के नारे गूंज रहे थे. वहां आज की सुबह एक गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है. प्रदर्शनकारियों के जाने के बाद जंतर-मंतर रोड अब पूरी तरह शांत है. जो छात्र और युवा कल तक अपने हक की लड़ाई के लिए सड़कों पर डटे थे, वे अब अपना सामान और तख्तियां समेटकर घर लौट चुके हैं. सड़क के किनारे लगे बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर और मंच हटा दिए गए हैं. यह शांति अजीब जरूर है, लेकिन इस बात की गवाही दे रही है कि एक महीने से अधिक समय तक कॉकरोच जनता पार्टी, कई छात्र संगठन और Gen-Z के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार उनकी मांगे पूरी हो गई हैं.

आंदोलन खत्म होते ही नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी हैं. शनिवार की आधी रात से ही जंतर-मंतर और उसके आस-पास के इलाकों में एक बड़ा सफाई अभियान चलाया जा रहा है. सफाई व्यवस्था का जायजा लेने खुद जमीन पर उतरे एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल मौके पर पहुंचे.

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एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि हमारे सभी अधिकारी और सफाई कर्मचारी सड़कों पर हैं. आंदोलन खत्म हो चुका है. लोग यहां से जा चुके हैं. हमारा टारगेट है कि जल्द से जल्द इस पूरे इलाके को चाहे वो टॉलस्टॉय मार्ग हो, जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जय सिंह मार्ग या फिर कनॉट प्लेस (CP) का इलाका हो...सभी को पूरी तरह साफ और चमका दिया जाए. हमारी सैनिटेशन और वाशिंग टीमें लगातार काम कर रही हैं. 


उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जी से हमें यही सीख मिलती है कि हमें अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही पूरी तरह निभानी चाहिएय. जब भी हमें शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी मिलती है, हम खुद ग्राउंड जीरो पर आकर उसकी निगरानी करते हैं.
 

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सुरक्षा बल भी धीरे-धीरे हटे, बैरिकेड्स हटने से रास्ते खुले

सड़क पर बिखरी पानी की खाली बोतलें, कागज और टेंट का कचरा तेजी से हटाया जा रहा है और फुटपाथों को पानी के टैंकरों से धोया जा रहा है. आंदोलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजामों की वजह से जंतर-मंतर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया था. जगह-जगह लोहे के भारी बैरिकेड्स लगे थे. धरनास्थल और उसके आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे लुटियंस दिल्ली के इस अहम रास्ते पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप था.


 हालांकि आज सुबह की राहत भरी खबर यह है कि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा घेरे में ढील दे दी है. बैरिकेड्स को क्रेन और गाड़ियों की मदद से धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है. सुरक्षा बलों की संख्या भी काफी कम कर दी गई है. इसके साथ ही पिछले कई दिनों से सुरक्षा कारणों से बंद किए गए दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशनों के गेट भी यात्रियों के लिए दोबारा खोल दिए गए हैं. इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह से बहाल कर दी गई हैं.

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जंतर-मंतर पर घूमने पहुंचे लोग, छात्रों के मुद्दों पर रखी बात

इस नई सुबह जंतर-मंतर पर एक और खूबसूरत नजारा देखने को मिला. जो आम लोग या छात्र भारी भीड़ और सुरक्षा बंदिशों की वजह से पिछले एक महीने में यहां नहीं आ पाए थे, वे आज सुबह यहां घूमने और इस ऐतिहासिक स्थल को देखने पहुंचे. कई परिवार अपने बच्चों को लेकर जंतर-मंतर वेधशाला दिखाने आए.
जंतर-मंतर पर मौजूद कुछ छात्रों और नागरिकों ने बात करते हुए कहा कि भले ही आंदोलन खत्म हो गया हो और रास्ते खुल गए हों, लेकिन छात्रों के भविष्य, निष्पक्ष परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के जिन मुद्दों को इस आंदोलन ने उठाया है, उन पर सरकार को आगे भी पूरी गंभीरता और ईमानदारी से काम करना होगा ताकि देश के युवाओं का भरोसा बना रहे।

कुल मिलाकर, जंतर-मंतर की यह नई सुबह राहत, सुकून और एक बड़े बदलाव की गवाह बनी है. यहां 36 दिन के लंबे अंतराल के बाद राजधानी की रफ्तार फिर से सामान्य हो गई है.

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