
पंजाब में कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी का मुद्दा अब सड़क से लेकर विधानसभा तक पहुंच गया है. शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग को लेकर एबीवीपी और यूथ कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दोनों संगठनों ने पंजाब विधानसभा के घेराव का ऐलान किया था, जिसके बाद चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.
इस बीच पंजाब विधानसभा का मॉनसून सत्र भी चल रहा था, जिसे हंगामे के बीच स्थगित कर दिया गया. सदन के भीतर कांग्रेस ने कथित पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और वॉकआउट किया. वहीं विधानसभा के बाहर अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी रहे और पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की.
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एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें
एबीवीपी कार्यकर्ता और छात्र विधानसभा की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सेक्टर-25 के पास भारी बैरिकेडिंग की. इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. एबीवीपी का आरोप है कि पंजाब में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए.

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन में पहुंचे
दूसरी तरफ पंजाब यूथ कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष शुभम शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे. यूथ कांग्रेस का फोकस खास तौर पर फार्मेसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर है. पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार को घेर रही है.

वहीं विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी कर्मचारियों के डीए से जुड़े प्रदर्शन में पहुंचे. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर बसों में ले जाया गया.
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पेपर लीक के मुद्दे पर पंजाब सरकार पहले आरोपों को खारिज कर चुकी है और इसे पेपर लीक के बजाय परीक्षा में नकल से जुड़ा मामला बताया गया है. ऐसे में विपक्ष और छात्र संगठनों के दबाव के बीच सरकार के सामने परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.