पंजाब में नशे की वजह से युवाओं की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला मानसा जिले के गांव भम्मे कलां का है, जहां 35 साल के दलजीत सिंह की मौत हो गई. परिवार को आशंका है कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई है. इस बीच, मृतक के परिजनों ने शव को सिरसा-मानसा रोड पर रखकर प्रदर्शन शुरू किया.
परिवार का कहना है कि जब तक नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा. वहीं, मानसा पुलिस ने अब प्रदर्शनकारियों से शव को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें हिरासत में भी लिया है.
परिजनों के मुताबिक, दलजीत सिंह शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं. वह परिवार में अकेला कमाने वाला था. परिवार ने बताया कि दलजीत पिछले कुछ समय से नशे का आदी हो गया था. परिजनों का आरोप है कि वह मंगलवार सुबह मानसा गया था, जहां से नशा खरीदकर लाया था. इसके बाद उसका शव रमानंदी के पास खेतों में मिला.
परिवार ने मांग की है कि नशा बेचने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. परिजनों का कहना है कि एक तरफ सरकार नशा खत्म करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नशे से होने वाली मौतें नहीं रुक रही हैं.
वहीं, कुछ दिन पहले पंजाब के मानसा में ही एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला सामने आया था. इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत ने 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है.
परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है. सीबीआई की एक विशेष टीम ने मानसा पुलिस स्टेशन पहुंचकर सभी जरूरी रिकॉर्ड और जब्त किए गए सामान को अपने कब्जे में ले लिया.
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता थे. वह मेडिकल स्टोरों पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे.