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'किताब आएगी तो तमाशा होगा ही, अब बारी मेरी है', ऑटोबायोग्राफी पर बोलीं सोनिया

सोनिया गांधी की किताब 'Belongings: Journey of Love' 10 नवंबर को बाजार में आ रही है. इस किताब को लेकर पुस्तक प्रेमियों में काफी चर्चा है. ये किताब सोनिया की निजी जिदंगी से लेकर सियासत के अनसुने किस्से को बयां करने जा रही है. खास बात यह है कि कांग्रेस नेता सोनिया ने इस किताब को खुद लिखा है.

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 सोनिया गांधी की आत्मकथा 'Belongings: Journey of Love' 10 नवंबर को बाजार में आ रही है.
सोनिया गांधी की आत्मकथा 'Belongings: Journey of Love' 10 नवंबर को बाजार में आ रही है.

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी अपनी जीवनी 'Belongings: Journey of Love' को लेकर धीरे-धीरे राज खोल रही हैं. मंगलवार को सोनिया गांधी ने एक्स पर कहा कि जब एक ये किताब आएगी तो तमाशा तो होगा ही. सोनिया ने कहा कि, 'जब यह किताब आएगी, तो तमाशा होना तय है. आखिर इतने दशकों तक दूसरे लोग मेरी 'कहानी' सुनाते रहे हैं, अब मेरी बारी है.

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की आगामी किताब Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी. यानी कि इस दिन ये किताब बाजार में आ जाएगी. 544 पन्नों की इस किताब में इटली में उनके बचपन, 1965 में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से पहली मुलाकात, शादी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या, राजनीति में प्रवेश और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने के फैसले जैसे प्रसंग शामिल हैं.  किताब के भारतीय संस्करण को हार्परकॉलिन्स प्रकाशित करेगा. 

सोनिया स्वयं इस किताब में कवर मुद्दों की जानकारी दे रही है. 

लंबे समय के बाद इस किताब के प्रमोशन के लिए एक्स पर आईं सोनिया गांधी ने मंगलवार को एक्स पर एक वीडियो डाला और कुछ लाइनें लिखीं. 
सोनिया ने एक्स पर कहा, "जब यह किताब आएगी, तो तमाशा होना तय है. आखिर, दूसरों ने मेरी 'कहानी' कहते हुए दशकों गुजार दिए हैं. अब मेरी बारी है."

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आगे वीडियो में सोनिया कहती हैं, "पता नहीं मुझे अपनी पूरी कहानी बतानी चाहिए या नहीं..."

इसके बाद सोनिया राजीव गांधी का जिक्र करते हुए कहती हैं, "जब मेरे पति को प्रधानमंत्री बनने को कहा गया, जिसके खिलाफ मैं पूरी तरह थी..."

सोनिया ने कहा ,"मैंने महसूस किया कि चूंकि मेरे बारे में बहुत कुछ चीजें लिखी जा चुकी हैं, इनमें से बहुत सारी बातें सही नहीं थीं, कुछ बातें तो ठूसी गई थीं, कुछ बातें बढ़ा चढ़ाकर बताई गई थीं. तो इससे मुझे एहसास हुआ कि अब मुझे अपनी कहानी लिखनी चाहिए, और हालत और परिस्थितियों को वैसे ही बताना चाहिए जैसी वे थीं. जैसी वे सचमुच में थीं. या फिर कहिए कि... मैं अपना वर्जन नहीं कहूंगीं, लेकिन मेरी कहानी जरूर बताऊंगी."

कांग्रेस नेता आगे कहती हैं, "कुछ लोग मेरे बारे में अपना विचार बदल सकते हैं, कुछ लोगों के विचार और भी खराब हो सकते हैं, लेकिन ये तो सच्चाई है, चीजें ऐसी ही है, जब आप किताब लिखते हैं तो ऐसा ही होता है, कुछ तमाशा तो होना तय है."


इससे पहले 24 अक्टूबर को सोनिया एक्स पर आई थीं. और इस किताब का प्रमोशन करते हुए उन्होंने राजीव गांधी के साथ अपने शुरुआती दिनों को याद किया था. 
 

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