लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया है और इसे शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया है. राहुल गांधी ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि यह एक प्रतीकात्मक कदम है क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान खुद एक प्रतीक थे. कुछ घंटों पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया था.
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी युवाओं को बधाई देते हुए कहा है कि यह छात्रों की जीत है. वे देश के लिए, संविधान के लिए लड़े और यह उनकी जीत है. उन्होंने कहा कि उन्हें छात्रों पर गर्व है. राहुल गांधी ने ये भी कहा कि युवाओं की ये जीत समाज के दूसरे वर्गों- किसानों, मजदूरों, गरीबों और उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जिनपर सरकार हमला कर रही है. आवाज़ उठाने में ही समझदारी और हिम्मत है.
विपक्ष के नेता ने कहा कि यह सरकार हमारे संविधान को नष्ट कर रही है, हमारे संस्थाओं पर कब्जा कर रही है, इसलिए हमें लड़ने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी दो मांगें बाकी है. उन्हें भी पूरा किया जाना चाहिए. NEET पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. जंतर मंतर पर युवाओं पर सोमवार को हुई बर्बरता के लिए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से माफी की मांग की है.
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह युवाओं की जीत है. उन्होंने RSS पर शिक्षा तंत्र पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने खुशी जताते हुए कहा है कि देश के युवाओं ने अपनी बात रखी है, और अब कोई भी उनकी आवाज़ को दबाने की हिम्मत नहीं करेगा.
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इसे लोकतंत्र की जीत बताया है. गौरतलब है कि इस मुद्दे पर सोनम वांगचुक 26 दिन तक अनशन पर बैठे थे.