महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रश्नपत्र लीक मामले में भिवंडी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे इस हाई-प्रोफाइल केस के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता और उसके सहयोगी इंद्रजीत सिन्हा को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को पूरे पेपर लीक नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है.
इस मामले ने पहले ही राज्य की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे रैकेट की परतें खोलने में जुट गई है. शुरुआती जांच में यह मामला एक संगठित गिरोह से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है.
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डीसीपी पवन बनसोड ने बताया कि इससे पहले इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था. उन्हीं से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने बिहार में दबिश दी और दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है.
पूछताछ में मिले सुराग, बिहार तक पहुंची पुलिस
भिवंडी पुलिस के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही थी. इसी दौरान कई अहम सुराग सामने आए, जिनके आधार पर जांच का दायरा महाराष्ट्र से बाहर बिहार तक पहुंचा. पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया.
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक की पूरी साजिश कैसे रची गई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और इस नेटवर्क का संचालन कहां से किया जा रहा था. पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संदिग्धों की जानकारी भी जुटा रही है.
जांच का फोकस इस बात पर भी है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किन लोगों तक पहुंचाया गया, इसके बदले कितनी रकम ली गई और इस पूरे खेल में कितने लोगों की संलिप्तता थी.
28 जून की परीक्षा करनी पड़ी थी स्थगित
गौरतलब है कि 28 जून को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया था. इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था.
पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद सरकार और जांच एजेंसियों पर पूरे मामले का खुलासा करने का दबाव बढ़ गया था. इसी कड़ी में भिवंडी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है. पूरे रैकेट के नेटवर्क, अन्य संभावित आरोपियों और प्रश्नपत्र लीक में शामिल सभी लोगों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.