NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परिक्षाओं में धांधली को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन देश के अलग-अलग राज्यों में भी फैलता जा रहा. भारी विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी ने आक्रामक तेवर अख्तियार कर ऱखा हैं तो बीजेपी के मार्गदर्शन मंडल से मुरली मनोहर जोशी के सख्त संदेश देने के बाद से केंद्र सरकार भी डैमेज कन्ट्रोल में जुट गई है.
देशभर में जारी छात्रों आक्रोश के बीच केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. गुरुवार को सुबह पीएम मोदी के मोर्चा संभालने के बाद से लेकर देर रात वीडियो संदेश जारी करने तक केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल से लेकर नए कड़े कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स के गठन तक कई बड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं तो सख्त एक्शन का भी ऐलान किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रंटफुट पर उतरने के बाद 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अनशन तोड़ दिया. गुरुवार को सुबह से लेकर पिछले 24 घंटे में सरकार कैसे डैमेज कन्ट्रोल करती नजर आई.
पीएम मोदी फ्रंटफुट पर उतरकर संभाला मोर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रंटफुट पर उतरे और अपने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. फास्ट ट्रैक कोर्ट का मकसद यह होगा कि पेपर लीक के दोषियों को जल्दी और सख्त सजा मिल सके. मामलों के निपटारे में देरी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया जा रहा है.

पीएम मोदी के सख्त रुख के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और संबंधित विभागों ने मिशन मोड में काम शुरू किया. सरकार ने चार राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान कर दिया गया. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट्स के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की तैयारी की जा रही है. इन अदालतों में मामलों की हर रोज सुनवाई होगी.
प्रशासनिक फेरबदल और पीएम का कड़ा संदेश
मोदी सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने से हुई. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया, जबकि विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया. विनीत जोशी को शिक्षा विभाग से हटाकर मोदी सरकार ने छात्रों का सियासी संदेश देने की कवायद की. इसे मोदी सरकार के सख्त एक्शन के तौर पर देखा जा रहा है.
पीएम मोदी ने वीडियो के जरिए दिया मैसेज
गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और देशवासियों को सरकार की रणनीति से अवगत कराया. पीएम मोदी ने कहा कि मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दुखद है. पेपर लीक के गुनहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद न हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था.

पीएम ने कहा कि सरकार ने अभी पूरी शक्ति का उपयोग करके कम से कम समय में एग्जाम कराए घए और रिजल्ट भी आ गया. उन्होंने बताया कि मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे अधिकारियों ने लगातार काम कर देर रात हमें नए कानून का ड्राफ्ट सौंप दिया है. इस तरह पीएम मोदी ने छात्रों को बताते नजर आए कि सरकार कैसे छात्रों के साथ खड़ी है.
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, डिमांड पूरी
मोदी सरकार के एक्शन के बात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल जाकर सोनम वांगचुक से मुलाकात किया. केंद्रीय मंत्री ने सोनम वांगचुक का अनशन खत्म कराया. सीजेपी आंदोलन के चेहरा सोनम वांगचुक थे, जिनके अनशन तोड़वा कर सरकार ने बड़ा संदेश दिया. इसके साथ ही सरकार ने उनकी तीन बड़ी बातें मान ली है.
पहला, जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. दूसरा, संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली सुधारने पर चर्चा होगी ताकि इसका स्थायी हल निकाला जा सके. तीसरी मांग, हाल में नीट पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार सकारात्मक तरीके से विचार करेगी.
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने का बाद एक वीडियो संदेश जारी किया है. उन्होंने बताया है कि सरकार की तरफ से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर तत्काल कोई भी भरोसा नहीं दिया गया है. उन्होंने जानकारी दी है कि सरकार प्रदर्शन कर रहे लोगों पर केस दर्ज नहीं करने के लिए तैयार हो गई है.
सख्त एक्शन के मूड में अब मोदी सरकार
मोदी सरकार अब इस ड्राफ्ट को कानून में बदलने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस ड्राफ्ट बिल पर विस्तृत चर्चा होगी. कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों को शामिल करने के बाद, सरकार सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र के दूसरे सप्ताह में ही इस विधेयक को दोनों सदनों से जल्द से जल्द पास कराने का प्रयास करेगी.
पीएम मोदी ने अपना वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने सख्त एक्शन की बात वीडिया में नहीं कही थी, लेकिन जिस तरह से उन्होंने ट्वीट कर कहा है, उसके बाद सभी के मन में सवाल उठ रहा है कि सरकार क्या सख्त कदम उठाएगी. इस पर सभी की नजर है.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का क्या होगा?
पेपर लीक मामले को लेकर सीजेपी और विपक्षी दल के नेता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं. पीएम मोदी की अपील के बाद भी विपक्ष अपने एजेंडे पर कायम रहा. सड़क से संसद तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लेकर सांसद प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित विपक्षी सांसदों धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

जंतर-मंतर पर सीजेपी के अगुवाई में चल रहे छात्र आंदोलन में भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस एक्शन पर बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और खासतौर पर महिलाओं पर बल प्रयोग होता देखना पीड़ा दायक है. युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं. उनकी चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं. इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए.
मोदी सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जिस तरह से एक-के बाद एक एक्शन के कदम उठाए हैं. पीएम मोदी ने भी अपने वीडियो को पोस्ट कर सख्त एक्शन की बात कही है, उसके बाद ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेगी?