नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मायावती के बयान पर पलटवार किया है. चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि नगीना की जनता ने उन्हें 5,12,552 वोट देकर संसद भेजा है और वो जनता के इस भरोसे के हमेशा ऋणी रहेंगे. उन्होंने मायावती के प्रति पूरा आदर जताते हुए उनके आशीर्वाद की अपेक्षा की है.
दरअसल, बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने सोमवार को पहली बार नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर सीधे तौर पर हमला बोला. मायावती ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद का अपना जनाधार नहीं है और बीजेपी ने नगीना में EVM में गड़बड़ी कराकर चंद्रशेखर आजाद को चुनाव जितवाया. साथ ही मायावती ने नगीना सांसद बीजेपी के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया.
'जनता ने बताया कौन है चंद्रशेखर'
मायावती के इसी बयान पर चंद्रशेखर ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि बहन जी द्वारा आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, EVM और नगीना लोकसभा चुनाव के संबंध में मेरे बारे में कही गई बातों को मैंने सुना. खैर, बहन जी का लिखित प्रेस नोट कहीं से भी लिखकर आया हो, लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि जो लोग कभी कहते थे, “कौन चंद्रशेखर?”, उन्हें इस देश की जनता ने बता दिया कि हमारे लिए लड़ने वाला, सड़क पर संघर्ष करने वाला चंद्रशेखर कौन है.
'मुझे जनता ने चुना प्रतिनिधि'
उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'मुझे खुशी है कि अब माननीया बहनजी ने यह मान लिया है कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एक बड़ी ताकत बन गई है.
नगीना सांसद ने कहा कि BSP प्रमुख के प्रति मेरे मन में हमेशा सम्मान रहा है. उसी सम्मान के साथ उनसे कहना चाहता हूं कि नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुझे 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना. मेरे लिए ये केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि नगीना की जनता के भरोसे और प्रेम की जिम्मेदारी है. इस जनादेश के लिए मैं नगीना की जनता का सदैव ऋणी रहूंगा.
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है. मैं खुद भी चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करता रहा हूं, लेकिन नगीना की महान जनता ने जिस प्रेम और विश्वास के साथ मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, उस जनादेश को किसी साजिश से जोड़ने से उन लाखों मतदाताओं की भावना भी आहत होती है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया.
बहुजन समाज में भाईचारे की अपील
नगीना सांसद ने जोर देकर कहा कि उनकी राजनीति किसी व्यक्ति विशेष के विरोध पर नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा पर टिकी है. उन्होंने कहा कि मतभेदों के बावजूद बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए. चंद्रशेखर ने अंत में कहा कि बहन जी के प्रति उनका सम्मान कल भी था, आज भी है और हमेशा रहेगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का सही नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है, न कि आजाद समाजवादी पार्टी.