वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव में बदलता जा रहा है. 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दी गई है. शिकायत में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की जांच की मांग की गई है.
अब कांग्रेस नेता और कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी और उससे जुड़े संगठन इस मामले में एफआईआर की मांग कर रहे हैं तो पहले बांसुरी स्वराज के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए. खड़गे ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बांसुरी स्वराज के कार्यक्रम से बाहर जाने की बात दिखाई देती है.
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'पहले बांसुरी स्वराज पर केस क्यों नहीं?'
प्रियांक खड़गे ने कहा कि अगर वंदे मातरम् को लेकर कार्रवाई करनी है तो बांसुरी स्वराज के मामले में भी वही रवैया अपनाया जाना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी, मोर्चा, एबीवीपी या आरएसएस की ओर से उनके खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज कराया गया.
खड़गे ने इसे ध्यान भटकाने की कोशिश बताते हुए कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान जैसे मुद्दों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.
सोनिया-राहुल के खिलाफ क्या है शिकायत?
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दी गई शिकायत में 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम का हवाला दिया गया है. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी के इशारे और राहुल गांधी के कथित बयान की जांच होनी चाहिए. शिकायत में सार्वजनिक रूप से सामने आए वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स का भी जिक्र किया गया है.
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शिकायत में प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मान संशोधन कानून का भी हवाला दिया गया है. पुलिस से पहले इसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है. प्रियांक खड़गे ने कहा कि बीजेपी राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि चाहे जितने मामले दर्ज किए जाएं, कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाणपत्र किसी से लेने की जरूरत नहीं है.