यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मारे गए चार भारतीय नाविकों में 26 वर्षीय अखिल जोयन भी शामिल हैं. अखिल केरल के कासरगोड जिले के रहने वाले थे और मर्चेंट नेवी में अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे. करीब तीन महीने पहले उनकी सगाई हुई थी. एक महीने पहले ही उन्होंने दोबारा काम जॉइन किया था और अगले साल अप्रैल में उनकी शादी होने वाली थी. वह वेल्लारिक्कुंडु गांव के रहने वाले थे और अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे.
वेल्लारिक्कुंडु वार्ड सदस्य शोबी जोसेफ ने बताया कि सोमवार शाम शिपिंग कंपनी की तरफ से भेजे गए एक ईमेल के जरिए परिवार को अखिल की मौत की जानकारी मिली. उन्होंने बताया कि अखिल ने 19 साल की उम्र में मर्चेंट नेवी जॉइन की थी. वह अनुशासित स्वभाव के थे और अपने इलाके में रस्साकशी के लोकप्रिय खिलाड़ी भी थे. उनके पिता बिजली के सामान की एक दुकान में काम करते हैं, जबकि उनकी मां बीमा एजेंट हैं. परिवार ने हाल ही में नया घर बनवाया था और भविष्य के लिए काफी हद तक अखिल पर ही निर्भर था.
केरल मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि नॉन-रेजिडेंट केरालाइट्स अफेयर्स विभाग को रूसी वाणिज्य दूतावास और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, अखिल का परिवार स्थानीय सांसद और विधायक के संपर्क में है, ताकि उनके शव को भारत लाने और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें. हालांकि, परिवार का कहना है कि फिलहाल उन्हें इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है.
रूस के दूत को किया तलब
इस हमले के बाद भारत ने रूस के दूत व्लादिमीर लादानोव को तलब कर नई दिल्ली की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया है. यह हमला रविवार को उस समय हुआ, जब गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला मालवाहक जहाज MV Golden Leo यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था. जहाज पर पांच भारतीयों समेत कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है.