राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बीच एक बड़ी सियासी खबर सामने आई है. एनसीपी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. मुलाकात में किस विषय पर बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही शरद पवार और सुप्रिया सुले ने जंतर-मंतर पहुंचकर CJP और प्रदर्शनकारी छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था और पुलिस कार्रवाई की निंदा की थी. संसद सत्र के दौरान हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है.
आपको कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का यह आंदोलन 20 जून से लगातार जारी है. संगठन प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली की जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है.
अपनी मांगों को लेकर सीजेपी का 'संसद मार्च' संसद के मानसून सत्र से पहले संसद मार्च का ऐलान कर दिया. इसके बाद 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च शुरू किया.
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इस मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा-163 लागू कर दी थी और स्पष्ट किया था कि CJP के पास संसद मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं है. जैसे ही हजारों की संख्या में छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
वहीं, 18 जुलाई से दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही अपना अनशन जारी रखा है.