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आरोप, महिला पहलवानों के आंसू से लेकर बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने तक... पूरी टाइमलाइन

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. इस मामले में शुरू से अब तक क्या हुआ इसकी पूरी टाइमलाइन आइए जानते हैं.

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बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह

महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है. मामले में सबूतों के अभाव में बृजभूषण शरण सिंह को बरी किया गया.

इस मामले में महिला पहलवानों के प्रदर्शन से लेकर बृजभूषण शरण सिंह के हटने और अब मामले में उनके बरी होने तक पूरी टाइमलाइन जानते हैं.

मामले की शुरुआत साल 2023 में 18 जनवरी को हुई थी. महिला पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत करीब 30 पहलवानों ने WFI के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जंतर मंतर पर धरना दिया था. पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे. उस समय खेल मंत्रालय की ओर से एक कमेटी का गठन हुआ. बाद में 21 अप्रैल 2023 को नाबालिग समेत सात महिला पहलवानों ने दिल्ली पुलिस को सामने यौन शोषण की शिकायत दी थी. 

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इसके बाद पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था. 4 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित के निर्देश दिए गए. 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान पहलवानों ने इस मामले को लेकर मार्च निकाला, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. 30 मई को पहलवान अपने मेडल बहाने पहुंच गए थे, लेकिन अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने अपना फैसला टाल दिया था.  

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7 जून को केंद्रीय खेल मंत्री और पहलवानों की बैठक हुई, 15 जून को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह और तत्कालीन WFI सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यहीं से इस मामले में नया मोड़ आया. जब नाबालिग और उसके पिता इस मामले में अपने बयान बदल दिया. इसके बाद नाबालिग पहलवान वाले POCSO मामले में पुलिस क्लोजर रिपोर्ट दायर करती है. जुलाई में अदालत ने मामले में बृजभूषण को अंतरिम जमानत दे दी. 

मई 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ योन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग करने और आपराधिक धमकी जैसे कई आरोप तय किया लेकिन बृजभूषण शरण सिंह इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. जब उनसे कोर्ट में पूछा गया कि क्या आप अपनी गलती मानते हैं, तो इसपर उन्होंने कहा, 'कोई सवाल ही नहीं है. जब गलती नहीं की तो उसे मानें क्यों.'

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साल 2025 में दोनों पक्षों की दलीलें चली. POCSO मामले में दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट स्वीकार कर ली गई और यह मामला औपचारिक रूप से यहीं बंद हो गया. हालांकि अन्य महिला पहलवानों की शिकायतों पर मुकदमा जारी था. अदालत ने सभी गवाह, पहलवानों सभी के बयान दर्ज किए. 

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इस मामले में तीन अगस्त को गवाहों की कमी के कारण बृजभूषण शरण को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया.
 

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