एनसीपी एससीपी विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र में TET और CET परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर महाराष्ट्र सरकार की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो राज्य भर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
रोहित पवार ने कहा कि पेपर लीक कई तरह से होता है. कभी परीक्षा से पहले पेपर लीक होता है, तो कभी मार्किंग पैटर्न और जरूरी सवालों की जानकारी पहले ही कुछ लोगों तक पहुंचा दी जाती है. उनका दावा है कि TET और FDA जैसी परीक्षाओं में ऐसा हुआ है.
उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 से पहले CET के टॉप 100 छात्रों में ज्यादातर के 12वीं (PCM) में 80% से ज्यादा अंक होते थे, लेकिन 2023 के बाद यह पैटर्न बदल गया. उनके मुताबिक, अब ऐसे छात्र भी टॉपर रहे हैं जिनके 12वीं में 50-60% के आसपास अंक थे. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक भाई-बहन ने CET में 99.99 पर्सेंटाइल हासिल की, जबकि 12वीं में उनके PCM के अंक 56.67% और 51% थे. रोहित पवार ने आरोप लगाया कि इन छात्रों के पिता भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं.
यह भी पढ़ें: जबरन धर्म परिवर्तन पर 10 साल तक सजा, महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू
उन्होंने सवाल उठाया कि जो छात्र 12वीं में 50-55% अंक लाते हैं, वे CET में 99.99 पर्सेंटाइल कैसे हासिल कर सकते हैं. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है.
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि CET सेल ने EduSpark को टेंडर दिलाने के लिए तीन बार टेंडर की शर्तें बदलीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि EduSpark ने परीक्षा कराने का काम Merittrac को दिया, जिसे जम्मू-कश्मीर सरकार (JKSSB) और ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने कथित अनियमितताओं के चलते ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है.
उन्होंने मांग की कि 2023 से अब तक हुए सभी CET परिणामों का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए और छात्रों के परीक्षा परिणामों का उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड से मिलान कर निष्पक्ष जांच की जाए.
रोहित पवार का यह भी दावा है कि जब से परीक्षाएं ऑनलाइन होने लगी हैं, तब से पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं. उनका कहना है कि ऑफलाइन परीक्षाओं के समय ऐसी समस्याएं नहीं थीं.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे महाराष्ट्र में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.