रोहित पवार (Rohit Pawar) एक राजनेता हैं. वह महाराष्ट्र, भारत में कर्जत-जामखेड निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य हैं. उनका जन्म 29 सितंबर 1985 को महाराष्ट्र के बारामती में हुआ था. वे राजेंद्र पवार और सुनंदा पवार के बेटे हैं.
रोहित पवार के पिता राजेंद्र पवार शरद पवार के भाई अप्पासाहेब पवार के बेटे हैं. यानी रोहित पवार, शरद पवार के ग्रैंडनेफ्यू (भतीजे के बेटे) हैं. वहीं, अजित पवार रिश्ते में रोहित के चाचा थे. एनसीपी में बटवारे के बाद रोहित, शरद पवार खेमे के साथ डटकर खड़े रहे. रोहित को शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले का बेहद करीबी माना जाता है.
रोहित ने अपनी स्कूली शिक्षा विद्या प्रतिष्ठान, बारामती से पूरी की. उन्होंने 2007 में मुंबई विश्वविद्यालय से मैनेजमेंट अध्ययन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. रोहित पवार की शादी कुंती पवार से हुई है. इनके दो बच्चे हैं.
रोहित बारामती एग्रो के CEO हैं. उन्होंने सितंबर 2018 से 2019 तक इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया.
रोहित ने 2017 में पुणे के बारामती तालुका में शिरसुफल-गुणवाड़ी सीट से पुणे जिला परिषद का चुनाव जीतकर अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की. 2019 के आम चुनावों के दौरान, उन्होंने अपने परिवार के पॉलिटिकल असर और जमीनी स्तर पर अपने कनेक्शन का फायदा उठाते हुए, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के लिए एक्टिव रूप से कैंपेन किया.
अक्टूबर 2019 में, पवार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए कर्जत-जामखेड़ सीट से चुने गए, जहां उन्होंने मौजूदा BJP उम्मीदवार और कैबिनेट मंत्री राम शिंदे को 1,35,824 वोटों के बड़े अंतर से हराया. यह जीत एक अहम पॉलिटिकल मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि यह सीट 25 सालों से BJP का मजबूत गढ़ रही थी.
एक MLA के तौर पर, पवार ने अपने इलाके के सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान दिया है. उन्होंने लोकल डेवलपमेंट की चुनौतियों से निपटने और लोगों की जिंदगी की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए कर्जत-जामखेड इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट फाउंडेशन (KJIDF) बनाया. इसके अलावा, उन्होंने सृजन फाउंडेशन भी बनाया, जो युवाओं को जोड़ने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए कई तरह के इवेंट और कॉम्पिटिशन ऑर्गनाइज करता है.
पवार पिछले कुछ सालों में विधानसभा, जिला परिषद और पंचायत चुनावों समेत कई चुनावों के कैंपेन में एक्टिव रहे हैं. उनकी कोशिशों से महाराष्ट्र के सोशियो-पॉलिटिकल मैप पर कर्जत-जामखेड चुनाव क्षेत्र की प्रोफाइल को ऊपर उठाने में मदद मिली है.
अपने लेजिस्लेटिव काम के अलावा, पवार को NCP में लीडरशिप रोल के लिए एक पोटेंशियल दावेदार माना जाता रहा है, क्योंकि उनके दादा शरद पवार के साथ उनके करीबी रिश्ते हैं और पार्टी में उनका असर बढ़ रहा है। वह पवार परिवार की चौथी पीढ़ी से हैं जो कोई पब्लिक पोस्ट संभाल रहे हैं। [18]
पवार बिना किसी विरोध के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के प्रेसिडेंट चुने गए. रोहित 2022 से महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के प्रेसिडेंट हैं.
महाराष्ट्र के रायगढ़ में NCP कार्यक्रम के दौरान बैनर से अजित पवार और सुनेत्रा पवार की तस्वीर गायब होने पर विवाद खड़ा हो गया. इस मुद्दे पर मंत्री अदिति तटकरे ने माफी मांगते हुए कहा कि दोनों नेताओं का उनके दिल में ख़ास स्थान है.
महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम रहे अजित पवार का निधन 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में हो गया था, जिसे लेकर रोहित पवार ने अब कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज कराई है. सवाल उठता है कि महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में क्यों एफआईआर दर्ज कराई?
महाराष्ट्र में कथित काले जादू को लेकर विवाद बढ़ गया है. रोहित पवार ने अजित पवार के आवास के पास हुए कथित अनुष्ठानों की जांच मांगी. अमोल मिटकरी ने भी मामला उठाया और इसे नासिक के ज्योतिषी अशोककुमार खारत से जोड़ा. 28 जनवरी के विमान हादसे के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है. खारत दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार है.
विधायक रोहित पवार ने अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में FIR दर्ज न होने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने विमान कंपनी और DGCA पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए साजिश की आशंका जताई है. पुलिस और CID का कहना है कि जांच जारी है, इसलिए अलग से केस दर्ज नहीं किया जा सकता.
दिवंगत अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर विधायक रोहित पवार ने मुंबई पुलिस की शिकायत दर्ज न करने पर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने बारामती पुलिस थाने पहुंचकर मामले की गंभीर और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए. रोहित पवार ने कहा कि यदि लापरवाही या दोष मिलेगा तो तुरंत FIR दर्ज कर दोषियों को हिरासत में लिया जाए.
अजीत पवार के विमान हादसे की जांच की मांग तेज होती जा रही है. इस मामले को लेकर बारामती में कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में भीड़ पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुई है. अजीत पवार के भतीजे और विधायक रोहित पवार भी मामला दर्ज कराने बारामती पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं.
महाराष्ट्र में अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर सरकार के सीबीआई जांच के फैसले पर भतीजे रोहित पवार ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि सीबीआई पर हजारों लंबित मामलों के कारण समय बर्बाद होगा और राज्य की सीआईडी ही जांच कर सकती है. रोहित ने ब्लैक बॉक्स जलने की खबरों को भी संदिग्ध बताया.
NCP (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दिवंगत नेता अजित पवार से जुड़े मामले की जांच को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने जांच में देरी पर सवाल उठाते हुए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की चेतावनी दी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने 28 जनवरी को बारामती के पास हुए लियरजेट 45 विमान हादसे की जांच पूरी होने तक पद छोड़ने की अपील की. हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हुई थी.
अजित पवार के विमान हादसे को लेकर एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने सिविल एविएशन मिनिस्ट्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने VSR कंपनी और डीजीसीए की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की.