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धर्म बदलने के साथ आरक्षण खत्म, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था में पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़े व्यक्ति को दूसरा धर्म अपनाने के बाद जाति आधारित आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता.

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आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है. (Photo-ITG)
आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है. (Photo-ITG)

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और जाति आधारित आरक्षण को लेकर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था में पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़े किसी व्यक्ति को दूसरा धर्म अपनाने के बाद उसी आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. कोर्ट के मुताबिक, हिंदू जाति व्यवस्था के तहत व्यक्ति की सामाजिक पिछड़ेपन की स्थिति दूसरे धर्म में जाने के बाद अपने आप स्थानांतरित नहीं होती.

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें तमिलनाडु सरकार के धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने लोगों को आरक्षण देने के फैसले को रद्द कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर इस मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में 56% आरक्षण खारिज, हाईकोर्ट ने क्या कहा? सरकार ने किस तर्क पर बढ़ाया था कोटा

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल पहले किसी पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़े होने के आधार पर दूसरे धर्म में जाने के बाद आरक्षण का दावा नहीं किया जा सकता. यह फैसला हिंदू सामाजिक व्यवस्था में जाति आधारित सामाजिक पिछड़ेपन और दूसरे धर्म में परिवर्तन के बाद आरक्षण के लाभ से जुड़े मामले में आया है.

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