राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी खबर सामने आई है. चढ़ावा चोरी केस की जांच की कड़ी में पुलिस ने ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय के बयान को दर्ज किया है. जांच में आगे जरूरत पड़ने पर पुलिस अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज करेगी. बता दें कि हाल ही में चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया है.
बता दें कि पिछले कई दिनों से चल रही सियासी और धार्मिक बयानबाजी के बीच, ट्रस्ट ने दो दिन पहले खुद आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर चंपत राय के इस्तीफे की पुष्टि की थी. सूत्रों के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट को चंदे और चढ़ावे की इस कथित गड़बड़ी की जानकारी पहले से थी और पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई भी औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही कर दी थी.
ट्रस्ट को पहले से थी गड़बड़ी की जानकारी?
सूत्रों के अनुसार, 5 जून को चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के प्रतिनिधि पुलिस टीम के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने पर पहुंचे थे. इसी दिन पुलिस ने छापेमारी कर अविनाश शुक्ला को हिरासत में लिया और उसके पास से नकदी भी बरामद की गई थी.
हालांकि उस वक्त ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी. बताया जा रहा है कि शुरुआती कार्रवाई अनौपचारिक स्तर पर हुई थी, जबकि मामला 7 जून को सार्वजनिक रूप से सामने आया. इस बीच आरोपी अविनाश शुक्ला का एक एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज भी सामने आया था. यह 24 सेकंड का CCTV फुटेज 5 जून 2026 की रात 8 बजकर 13 मिनट का है.
फुटेज में पुलिसकर्मी और बैंक कर्मचारी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर सफेद रंग की कार की ओर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में अविनाश के हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है. सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में बरामद नकदी रखी गई थी. सूत्रों के मुताबिक, मंदिर से चढ़ावे में कथित चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अविनाश शुक्ला के पास से करीब 5 लाख रुपये बरामद किए थे. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि पुलिस आरोपी को पकड़कर सफेद गाड़ी में बैठा रही है, जबकि उसके हाथ में काला बैग मौजूद है.
अब तक आठ आरोपी हुए हैं गिरफ्तार
इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं. ये सभी राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकदी और कीमती सामान की गिनती के काम से जुड़े थे.