कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिवाली से पहले शुक्रवार को अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को चाय पर बुलाया. इस दिवाली मिलन कार्यक्रम में प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, सचिन पायलट, कुमारी शैलजा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई बड़े नेता शामिल हुए.
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कार्यक्रम में पहुंचे. इसके अलावा पार्टी के महासचिव, प्रदेश प्रभारी, CWC सदस्य और चुनाव वाले राज्यों के कई नेता भी मौजूद रहे.
हालांकि, नेताओं ने इस मुलाकात को दिवाली मिलन और आपसी बातचीत का कार्यक्रम बताया. लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कांग्रेस के आगे के अभियान को लेकर भी चर्चा हो सकती है. राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर हुई इस मुलाकात का कोई आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया था.
'वोट चोरी' के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा के संकेत
कांग्रेस 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर अपना अभियान और तेज करना चाहती है. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद इस मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर नेताओं से चर्चा की.
रविवार को INDIA गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली की थी. इसमें मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट में बदलाव के खिलाफ विरोध जताया गया था.
इससे एक दिन पहले गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर महाभियोग जैसी कार्रवाई की थी. विपक्ष ने उन पर मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे.
नेताओं ने कहा- यह सिर्फ दिवाली मिलन का कार्यक्रम था
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह त्योहार के मौके पर मिलने-जुलने का कार्यक्रम था. राहुल गांधी ने सभी को बुलाया था और नेताओं ने एक-दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं दीं.
कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने भी इसे पार्टी परिवार के लोगों के मिलने का मौका बताया. उन्होंने कहा कि कई नेता महीनों या सालों बाद एक-दूसरे से मिले. यह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से बातचीत करने का भी मौका था.
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कार्यक्रम का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था. यह पार्टी के कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर के नेताओं के साथ दिवाली मिलन का कार्यक्रम था.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि राहुल गांधी ने नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की. इस दौरान निजी बातचीत के साथ राजनीति और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
SIR पर अमित शाह को लेकर कांग्रेस का निशाना
दिवाली मिलन कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने SIR यानी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर भी बयान दिए.
गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह संसद में SIR पर चर्चा की बात करते हैं, लेकिन जब विपक्ष ने पहली बार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी तो संसद तीन दिन तक नहीं चलने दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बातों और उसके काम में अंतर है.
टीएस सिंह देव ने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ठीक से जांचे-परखे एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया और लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए.
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संसद के पिछले सत्र में गृह मंत्री ने SIR पर चर्चा नहीं होने की बात कही थी, जबकि अब संसद में इस पर बहस की मांग की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश इस मुद्दे पर चर्चा चाहता है.
रामलीला मैदान की रैली को लेकर BJP पर पलटवार
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली को सफल बताया. उन्होंने दावा किया कि राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुंचे थे.
जूली ने BJP के उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें रैली को असफल बताया गया था. उन्होंने कहा कि रैली में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और इसका वीडियो भी उपलब्ध है.
दिल्ली के प्रदूषण पर भी बोले पवन खेड़ा
दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू होने पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अगर प्रदूषण पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो हालात और खराब हो सकते हैं.
उन्होंने कहा कि प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर पड़ रहा है. खेड़ा ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार और पिछले दो साल के कामकाज पर भी सवाल उठाए.