भूपेश बघेल
भूपेश बघेल एक भारतीय राजनेता हैं. वह छत्तीसगढ़ के तीसरे और वर्तमान मुख्यमंत्री हैं (Bhupesh Baghel,CM of Chhattishgarh). बघेल छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे (Bhupesh Baghel, Member Congress) साथ ही, पाटन से पांच बार विधान सभा के सदस्य रह चुके हैं. वह नब्बे के दशक के अंत में दिग्विजय सिंह सरकार में अविभाजित मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री थे. वे छत्तीसगढ़ के पहले राजस्व, जन स्वास्थ्य यांत्रिकी और राहत कार्य मंत्री थे.
भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को मध्य प्रदेश के दुर्ग जिले में हुआ था (Bhupesh Baghel Age). वह नंद कुमार बघेल और बिंदेश्वरी बघेल के बेटे हैं (Bhupesh Baghel Parents). उनके परिवार का प्राथमिक व्यवसाय कृषि है. उनका विवाह मुक्तेश्वरी बघेल से हुआ है (Bhupesh Baghel Wife). उनके एक बेटा और तीन बेटियां हैं (Bhupesh Baghel Children).
भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय युवा कांग्रेस से की और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने. वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कार्यक्रम समन्वयक भी रहे हैं. बघेल को राज्य मंत्री, मुख्यमंत्री से संबंधित, लोक शिकायत निवारण (स्वतंत्र प्रभार), म.प्र. दिसंबर 1998 में दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल में शासन और दिसंबर 1999 में परिवहन मंत्री बनाया गया था. नवंबर 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, वे छत्तीसगढ़ विधान सभा के सदस्य बने और सीजी शासन के तहत मंत्री, राजस्व पुनर्वास, राहत कार्य, जन स्वास्थ्य यांत्रिकी के रूप में नियुक्त हुए थे. उन्होंने 2013 के चुनाव में फिर से पाटन विधानसभा सीट जीती, और कार्य समिति, छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य बने. 2014-15 में, वे लोक लेखा समिति, छत्तीसगढ़ सरकार के सदस्य बने (Bhupesh Baghel Political Career).
कांग्रेस ने असम पर गौरव गोगोई, भूपेश बघेल समेत अन्य नेताओं के काफिले पर हमला मामले को लेकर चुनाव आयोग की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस ने डीसी और एसपी से रिपोर्ट मंगाने और जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग की है.
असम के नगांव में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव हुआ. भूपेश बघेल ने घटना को लेकर BJP समर्थकों पर आरोप लगाया है. इस घटना के बाद कांग्रेस ने पुलिस से लेकर चुनाव आयोग तक पर सवाल उठाए हैं.
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2025 के इंटरव्यू आयोग ने स्थगित कर दिए हैं. सियासी विवादों के बीच भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे थे. भले ही आयोग ने कारण 'अपरिहार्य परिस्थितियां' बताया हो, लेकिन इस स्थगन को राज्य में गरमाई भारी सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है. जानें क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस के सामने पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को प्रभारी बनाने के बाद अब चरणजीत चन्नी गुट प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को हटाने की मांग कर रहा है. पार्टी के सामने जाट सिख और दलित नेतृत्व के बीच संतुलन साधने की चुनौती है. 2022 में कांग्रेस केवल 18 सीटें जीत सकी थी, जबकि 2024 में सात लोकसभा सीटें जीतीं.
कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह और खींचतान के बीच आलाकमान ने बड़ा फैसला लिया है. पार्टी ने भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटा दिया है और अब उन्हें असम राज्य की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भूपेश बघेल की जगह राजस्थान के दिग्गज नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. यह फैसला पंजाब में पार्टी के आंतरिक विवादों को शांत करने के उद्देश्य से लिया गया माना जा रहा है.
पंजाब में कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है. चन्नी के नेतृत्व वाले गुट ने वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले का विरोध किया. समर्थकों का कहना है कि चन्नी को विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए.
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पेपर लीक और भर्ती घोटाले की जांच में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सचिव कृष्ण कुमार चंद्रवंशी के घर छापा मारा है. रायपुर जोनल ईडी टीम ने सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कागजात और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं.
CGPSC सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में चयनित रायगढ़ के न्यूज कुमार प्रधान का नाम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. 'News' नाम को लेकर उठे सवालों के बीच अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया कि यही उनका आधिकारिक नाम है और सभी दस्तावेजों में दर्ज है. इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद इस नाम को लेकर चर्चा और तेज हो गई.
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर गुटबाजी और संगठनात्मक विवाद बढ़ रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी और पोस्टर वार जारी हैं. पार्टी आलाकमान के फैसलों से असंतोष फैल चुका है, जिससे संगठनात्मक बैठकों में हंगामा हो रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अंदरूनी कलह से कांग्रेस की चुनावी संभावनाएं कमजोर हो सकती हैं.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में कांग्रेस की बैठक की गई. इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने चन्नी जिंदाबाद के नारे लगाए, जिसके बाद माहौल गरमा गया.
पटियाला और संगरूर में आयोजित पार्टी के कार्यक्रमों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि अनुशासनहीनता करने वालों को पार्टी से निकाल देंगे.
बुधवार को भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के जवाब में छत्तीसगढ़ कांग्रेस मुख्यालय का घेराव किया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया.
कथित 2,161 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है. CJI सूर्यकांत की पीठ ने ED और राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी.
पंजाब कांग्रेस की अंदरुनी कलह हाईकमान के लिए चिंता का सबब बन गया है. राहुल गांधी ने 2021 में जिस चरणजीत सिंह चन्नी को कैप्टन अमरिंदर सिंह की जगह पर सीएम बनाया था, वही चन्नी अब पार्टी के लिए चुनौती बन गए हैं. ऐसे में पंजाब के संकट को सुलझाने का दिल्ली में कोई रास्ता निकाला जाएगा?
भूपेश बघेल पांच दिन के दौरे पर पहुंचे थे, लेकिन छठवें दिन छत्तीसगढ़ लौटे. करीब 92 नेताओं के साथ मैराथन बैठकें कीं, लेकिन नतीजा यह कि उनके वापस लौटते ही चन्नी और वडिंग गुट के नेता फिर से बयानी जंग के अखाड़े में आ डटे.
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है. कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की चरणजीत सिंह चन्नी गुट के नेताओं के साथ हुई दो घंटे की बैठक भी बेनतीजा रही. बैठक में कई नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की मांग दोहराई, जबकि बघेल ने हाईकमान के फैसले का विरोध होने से इनकार किया.
लंबे इंतजार के बाद शनिवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल और आलाकमान से नाराज कहे जाने वाले पूर्व सीएम चन्नी की मुलाकात हुई. भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने के सवाल पर पहले ही कह दिया था कि ये कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है. इस बार भी उनका रूख वही रही रहा.
पंजाब कांग्रेस में कई दिनों से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच अब सुलह की उम्मीदें बढ़ गई हैं. कल पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक से पहले चन्नी की दो शर्तों और राजा वडिंग के नरम रुख ने सियासी हलचल और तेज कर दी है. सवाल यही है कि क्या इस मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस में 'ऑल इज़ वेल' हो जाएगा... या फिर अंदरूनी विवाद का नया दौर शुरू होगा?
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आज पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे. चन्नी अपने समर्थक नेताओं के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता की भावनाओं से बघेल को अवगत कराएंगे.
पंजाब में कांग्रेस नेताओं का झगड़ा अभी सुलझ नहीं, और हरियाणा में नई तकरार की झलक एक वायरल वीडियो में देखने को मिली है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रणदीप सिंह सुरजेवाला का पुराना झगड़ा नए अंदाज में सामने आया है, जिसमें हुड्डा को सुरजेवाला की सलाह है कि अब वक्त आ गया है कि वो कमान छोड़ दें.
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और कलह की खबरों के बीच पार्टी के नेता राणा गुरजीत सिंह ने कहा है कि कोई भी नेता हाईकमान से ऊपर नहीं है. बता दें कि पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल राज्य दौरे पर हैं और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगे हैं. वहीं, पार्टी का राज्य अध्यक्ष न बनाए जाने को लेकर नाराज चरणजीत सिंह चन्नी अभी तक भूपेश से नहीं मिले हैं.