पवन खेड़ा (Pawan Khera) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक राजनेता हैं. वह दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शिला दीक्षित के कार्यकाल में वह राजनीतिक सचिव रह चुके हैं (Pawan Khera Political Secretary). वह कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, साथ ही, में मीडिया और प्रचार विभाग भी संभालते हैं (Pawan Khera Spokes Person).
पवन खेड़ा का जन्म 31 जुलाई 1968 को दिल्ली में हुआ था (Pawan Khera Born). उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की. इनकी पत्नी का नाम डॉ. कोटा नीलिमा है (Pawan Khera wife).
खेड़ा ने 21 साल की उम्र में एक युवा नेता के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया. 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन 1998 में तत्कालीन राजनीतिक सचिव के रूप में कांग्रेस में लौट आए (Pawan Khera Political Career).
हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में BJP की प्रचंड जीत के बाद पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उनका पेड़ा बना दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बयानों से लोग भावनात्मक रूप से आहत हुए और इसका असर नतीजों में दिखा. BJP गठबंधन ने 100 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया.
Pawan Khera on Results Trends: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए आज वोटों की गिनती हो रही है. मतगणना जारी है. काउंटिंग के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "... मुझे लगता है कि इंतजार करना उचित है. लोकतंत्र जीतेगा. हम अपनी ओर से पूरे आश्वस्त हैं कि जहां हमारी स्थिति मजबूत है, हम वहां जीतेंगे. असम में परिवर्तन की एक लहर है और इंतजार करिए नतीजा जरूर मिलेगा.
सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इस दौरान पवन खेड़ा ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. यह बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की जीत है.
सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया है. इस दौरान पवन खेड़ा ने इसे संविधान की जीत बताया.
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है. 30 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है. 30 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है, उसे आसानी से खतरे में नहीं डाला जा सकता. अदालत ने निर्देश दिया है कि क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन केस नंबर 04/2026 में गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने असम पुलिस की एफआईआर मामले में अग्रिम जमानत दे दी है. कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कहा कि जांच में सहयोग किया जाए. यह मामला उनके बयान से जुड़ा है, जिस पर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था. इस फैसले से फिलहाल उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई पर रोक लग गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी. कोर्ट ने जांच में सहयोग, सबूत से छेड़छाड़ न करने और बिना अनुमति देश न छोड़ने जैसी शर्तें लगाईं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने हिमंता को संवैधानिक चरवाहा बताया. उन्होंने सर्वोच्च अदालत में यह दलील दी कि अधिकतर धाराएं जमानती हैं. असम सरकार ने पवन खेड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ को जरूरी बताया है.
पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर आरोप लगाए थे कि उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां हैं.
एग्जिट पोल के आंकड़े बता रहे हैं कि असम में बीजेपी को करीब तीन-चौथाई बहुमत मिल सकता है, और कांग्रेस को लगातार तीसरी बार मायूस होना पड़ सकता है. विवादों के बीच हुए असम चुनाव में कांग्रेस को फिर से असम में अंदरूनी कलह ही भारी पड़ता नजर आ रहा है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान शर्मा पर लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. उन पर कई पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति को लेकर आरोप लगाने का मामला दर्ज है. इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने ट्रांजिट जमानत दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी. अब शीर्ष अदालत में आगे की सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अब अग्रिम जमानत के लिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने जा रहे हैं. गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका 24 अप्रैल को खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने का फैसला लिया है.
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही उनकी गिरफ्तारी की आशंका भी बढ़ गई है. असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़े मामले में खेड़ा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट के बाद अब गुवाहाटी हाई कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. खेड़ा के आरोपों पर सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज आपराधिक मामले में जमानत के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. यह मामला विदेश में संपत्तियों और पासपोर्ट से जुड़े आरोपों से जुड़ा है.
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के साथ विवाद मामले में पवन खेड़ा को बड़ी राहत मिली है. गुवाहाटी की स्थानीय अदालत ने खेड़ा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने से इनकार कर दिया है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने उनकी ट्रांजिट जमानत बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खेड़ा असम की अदालत में याचिका दायर करते हैं, तो उस पर सुनवाई करते समय न तो सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश का असर होगा और न ही तेलंगाना हाई कोर्ट की टिप्पणियों का.
सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने मंगलवार तक उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया है. बता दें, पवन खेड़ा ने मांग की थी कि उनकी जमानत मंगलवार तक बढ़ाई जाए ताकि वे असम की सक्षम अदालत में याचिका दायर कर सकें. खेरा का तर्क था कि असम की अदालत फिलहाल बंद है. अब पवन खेड़ा के पास क्या विकल्प है? जानिए.
सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने खेड़ा की अग्रिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया है. पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर आरोप लगाए थे.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगा स्टे हटाने का आदेश एकपक्षीय पारित किया था. अदालत ने उनकी बात नहीं सुनी. शुक्रवार को उनकी याचिका पर अब सुनवाई होनी है.