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पटना में तेजस्वी का मार्च, बेंगलुरु में CJP का प्रोटेस्ट... शहर-शहर ज्ञानेश कुमार का चौतरफा विरोध

देश भर में चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं. राहुल गांधी दिल्ली में मोर्चा संभाले हुए हैं तो वहीं 'इंडिया' गठबंधन के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना में विरोध मार्च निकाला गया. जबकि बेंगलुरु में CJP ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बेंगलुरु में 'चप्पल प्रदर्शन' किया.

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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन. (Photo- PTI)
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन. (Photo- PTI)

चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन राजधानी दिल्ली में मोर्चा खोले बैठा है. वहीं पटना, लखनऊ से लेकर बेंगलुरु तक में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. CJP के बैनर तले महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक अनोखा 'चप्पल प्रदर्शन' देखने को मिला.

बिहार की राजधानी पटना में RJD के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने गुरुवार को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यह मार्च निकाला गया.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती और दूसरे नेताओं ने विधानसभा परिसर के पास स्थित 'शहीद स्मारक' से 'लोक भवन' की ओर मार्च किया. हालांकि, निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पहुंचते ही भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग ने उन्हें रोक लिया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई.

'बहुत हुई RSS-BJP की चोरी और ठगी'

राज्यपाल से मुलाकात के बाद बाहर आकर तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों का रवैया तानाशाही वाला था और विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्षता खो चुका है और बीजेपी को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है.

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तेजस्वी यादव ने मार्च से एक वीडियो भी शेयर किया है. इसके साथ एक्स पर उन्होंने लिखा, 'डरेंगे नहीं- झुकेंगे नहीं भिड़ेंगे, लड़ेंगे और जीतेंगे. धांधली, बेईमानी और डकैती से चुनाव जीतने वाले तानाशाहों और उनके ज्ञानेश जैसे नमूनों को अब जनता बख़्शेगी नहीं! बस! अब बहुत हुई RSS-BJP की चोरी और ठगी!'

लखनऊ में भी विरोध के सुर तेज

वहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आराधना मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विरोध में उतरे हैं. इस दौरान मोदी सरकार और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. प्रदर्शन के दौरान आराधना मिश्रा समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में भी लिए गए हैं.

तेलंगाना में भी हल्लाबोल

तेलंगाना में भी कांग्रेस के नेताओं, मंत्रियों और INDIA ब्लॉक पार्टियों के सदस्यों ने एक रैली की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट के SIR में गड़बड़ियों को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. ये रैली INDIA ब्लॉक के 'लोकतंत्र बचाओ' कैंपेन के तहत आयोजित की गई थी, जो यहां नेकलेस रोड पर इंदिरा गांधी की मूर्ति से लोक भवन तक निकाली गई.

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तेलंगाना के मंत्रियों, जिनमें पोन्नम प्रभाकर, डी श्रीधर बाबू और जुपल्ली कृष्ण राव शामिल थे, और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ ने हिस्सा लिया. रैली में CPI, CPI(M), MCPI(U), तेलंगाना जन समिति और दूसरी पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया.

इस दौरान बी महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया कि PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इलेक्शन कमीशन का इस्तेमाल करके चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, आंदोलन जारी रहेगा.

CJP ने भी किया विरोध

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और एक्टर-एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में जमकर विरोध किया. विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि SIR के तहत वोटरों के नाम हटाने का मकसद BJP का विरोध करने वालों को वोट देने से रोकना है.

बेंगलुरु में महिलाओं का 'चप्पल प्रदर्शन'

दूसरी ओर, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में CJP के सदस्यों ने एक अनोखा प्रदर्शन किया. महिलाओं पर बढ़ते अपराधों और सुरक्षा की मांग को लेकर 'चप्पल प्रदर्शन' किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कड़े कदम उठाने की मांग की.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रदर्शन कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों से बदसलूकी... मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान, पुलिस से मांगा जवाब

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इस प्रदर्शन में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरव दास भी मौजूद रहे. हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने कहा कि सुरक्षा सिर्फ महिलाओं का अधिकार ही नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी भी है.

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