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प्रेमिका से मिलने प्रयागराज से कौशांबी पहुंचा प्रेमी, रेस्टोरेंट में पकड़ा गया तो मंदिर में हुई शादी

कौशांबी में चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का दिलचस्प अंत हुआ. दरअसल, प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. इस बीच दोनों परिवारों के बीच पहले शादी को लेकर असहमति रही, लेकिन समझाने-बुझाने के बाद सभी राजी हो गए. इसके बाद रामजानकी मंदिर में दोनों ने वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए.

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चार साल के इश्क को मिली मंजिल.(Photo: Akhilesh Kumar/ITG)
चार साल के इश्क को मिली मंजिल.(Photo: Akhilesh Kumar/ITG)

कहते हैं कि सच्चा प्यार हर मुश्किल को पार कर अपनी मंजिल हासिल कर ही लेता है. कुछ ऐसा ही नजारा उत्तर प्रदेश के कौशांबी में देखने को मिला, जहां चार साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का आखिरकार सुखद अंत हो गया. प्रयागराज से अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को युवती के परिजनों ने एक रेस्टोरेंट में पकड़ लिया. इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई. शुरुआत में शादी को लेकर नाराजगी रही, लेकिन काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन राजी हो गए. फिर रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से प्रेमी जोड़े ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे का हाथ थाम लिया.

मामला कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र में तिल्हापुर मोड़ स्थित रामजानकी मंदिर का है. प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के चंद्रसेन गांव निवासी 23 वर्षीय राजेश पुत्र सुधाई और कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र के बरेठी गांव निवासी 20 वर्षीय निराशा पुत्री रामचंद्र के बीच पिछले करीब चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था.

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बताया जा रहा है कि दोनों चोरी-छिपे एक-दूसरे से मिलते थे. चार साल तक चले इस रिश्ते को शादी में बदलने की उम्मीद के साथ 4 नवंबर को राजेश अपनी प्रेमिका से मिलने कौशांबी पहुंचा था. दोनों एक रेस्टोरेंट में मुलाकात कर रहे थे, तभी युवती के परिजनों को इसकी भनक लग गई.

रेस्टोरेंट में प्रेमिका के परिजनों ने पकड़ा, दोनों परिवारों को बुलाया

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युवती के परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने राजेश को पकड़ लिया. इसके बाद युवक के परिवार वालों को भी वहां बुलाया गया. अचानक सामने आए इस घटनाक्रम के बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हुई. शुरुआत में परिजन इस रिश्ते को स्वीकार करने और शादी कराने के पक्ष में नहीं थे.

हालांकि, काफी देर तक चली बातचीत और समझाने-बुझाने के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई. परिवारों ने चार साल से चल रहे प्रेम संबंध को स्वीकार करते हुए दोनों की शादी कराने का फैसला लिया.

कौशांबी​

इसके बाद प्रेमी जोड़े को तिल्हापुर मोड़ स्थित रामजानकी मंदिर ले जाया गया, जहां विवाह की तैयारियां की गईं. इस तरह रेस्टोरेंट में पकड़े जाने से शुरू हुआ घटनाक्रम कुछ ही देर में शादी की खुशियों में बदल गया.

रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से लिए सात फेरे

रामजानकी मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज के साथ राजेश और निराशा की शादी संपन्न कराई गई. दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया. इस दौरान दोनों परिवारों के लोग और काफी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद रहे.

शुरुआत में जिस रिश्ते को लेकर परिवारों के बीच नाराजगी थी, वही अंत में उनकी सहमति से विवाह के बंधन में बदल गया. प्रयागराज से प्रेमिका से मिलने कौशांबी आए राजेश को आखिरकार अपनी चार साल पुरानी मोहब्बत का साथ मिल गया.

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इस तरह चार साल से चोरी-छिपे चल रहा प्रेम प्रसंग शादी के रिश्ते में बदल गया. दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद राजेश और निराशा ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुन लिया.

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