प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि एक दिन यह पड़ाव भी आएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि 25 साल की सेवा पूरी होना उनके लिए खुशी का मौका है. उन्होंने इसे जनता के आशीर्वाद का नतीजा बताया और देश की जनता को नमन किया. उन्होंने NDA, सभी मंत्रियों और नेताओं का भी आभार जताया.
पीएम मोदी ने कहा कि इन 25 वर्षों में कई चुनाव हुए और हर चुनाव में जनता ने उन पर जो भरोसा जताया, उसके लिए वह आभारी हैं. पीएम मोदी ने सेवा ज्योति यात्रा में शामिल होने वाले सभी लोगों का भी अभिनंदन किया.
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सुबह वह दिल्ली के विनायक मंदिर में दर्शन के लिए गए थे. उन्होंने बताया कि मंदिर में उन्होंने देश और 140 करोड़ देशवासियों के लिए प्रार्थना की. साथ ही, उन्होंने खुद के लिए भी प्रार्थना की कि उन्हें इतनी शक्ति और सामर्थ्य मिले कि वह देश के लिए और ज्यादा ऊर्जा के साथ काम कर सकें. पीएम मोदी ने कहा कि यह 25 वर्ष अनुभव की बड़ी पूंजी है.
पीएम मोदी ने कहा कि जनता उनके लिए ईश्वर का रूप है. उन्होंने कहा, 'देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, इसलिए देश के लिए मेरा दायित्व भी बहुत अधिक है. यह 25 वर्षों का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है. यह सिर्फ मोदी की नहीं, यह देश की पूंजी है.' उन्होंने देश के लोगों को इसका अधिकारी बताया.
पीएम मोदी ने अपने 25 साल के सफर को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन में कोई घटना व्यर्थ नहीं गई. जिसने उन्हें जिताया, उसने विनम्र होना सिखाया, जबकि जिसने गिराया उसने फिर खड़ा होना सिखाया. उन्होंने कहा कि शुभचिंतकों ने प्रोत्साहित किया और आलोचकों ने उन्हें अपने भीतर झांकने का मौका दिया.
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे कर लिए हैं. उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें जनसेवा में 25 साल पूरे हो गए हैं.