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बाराबंकी में चेकिंग देख चलती ट्रेन से कूदे बेटिकट यात्री, कई टॉयलेट में छिपे, 371 दबोचे गए

बाराबंकी जिले में रसौली स्टेशन पर अयोध्या-लखनऊ ट्रेन में रेलवे की मजिस्ट्रेट चेकिंग दौरान हड़कंप मच गया. टीटीई और अधिकारियों को देखते ही कई बेटिकट यात्री जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन से कूदकर भागने लगे, जबकि कुछ टॉयलेट में छिप गए. चेकिंग टीम ने 371 यात्रियों को पकड़ा है.

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ट्रेन से गिरते-पड़ते कूदे लोग (Photo- Screengrab)
ट्रेन से गिरते-पड़ते कूदे लोग (Photo- Screengrab)

यूपी के बाराबंकी स्थित रसौली रेलवे स्टेशन पर अयोध्या से लखनऊ जा रही ट्रेन संख्या 64215 में रेलवे प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया. चेकिंग टीम को देखते ही कार्रवाई के डर से कई बेटिकट यात्रियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर धीमी गति से चल रही ट्रेन से छलांग लगा दी. कुछ यात्री भागते  समय गिरकर चोटिल हो गए, जबकि कई यात्रियों ने बचने के लिए टॉयलेट में शरण ली. रेलवे अधिकारियों और टीटीई की सतर्कता से शौचालय में छिपे और भाग रहे सभी 371 बेटिकट यात्रियों को पकड़कर लखनऊ ले जाया गया.

टॉयलेट में छिपे यात्री और भागा-भागी का माहौल

ट्रेन के रसौली स्टेशन पहुंचते ही चेकिंग की खबर से अफरा-तफरी मच गई. बेटिकट यात्री स्टेशन पर इधर-उधर दौड़ते नजर आए. चेकिंग टीम ने ट्रेन के अंदर सघन तलाशी ली और टॉयलेट के दरवाजे खुलवाकर उसमें छिपे यात्रियों को बाहर निकाला. थोड़ी सी रकम बचाने के चक्कर में यात्रियों द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद खतरनाक साबित हो सकता था. रेलवे अधिकारियों ने लोगों से बिना टिकट यात्रा न करने और चेकिंग के डर से चलती ट्रेन से न कूदने की सख्त अपील की है.

लाखों का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई

इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कुल 371 बेटिकट यात्रियों को हिरासत में लिया गया. रेलवे टीम ने इन यात्रियों से कुल 2 लाख 86 हजार 580 रुपये का जुर्माना वसूला. इसके अलावा नियम उल्लंघन के 36 गंभीर मामलों को एसीजेआरएम (ACJRM) कोर्ट में पेश किया गया. चेकिंग का एक वीडियो भी सामने आया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वीडियो में रसौली स्टेशन और आला अधिकारी साफ दिखाई दे रहे हैं.

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आगे भी जारी रहेंगे सख्त चेकिंग अभियान

मंड़ल रेल प्रबंधक (DRM) सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों पर लगाम कसने के लिए रेलवे की ओर से इस तरह के औचक और कड़े चेकिंग अभियान आगे भी लगातार चलाए जाते रहेंगे. रेलवे का स्पष्ट संदेश है कि टिकट का जुर्माना पैसे देकर भरा जा सकता है, लेकिन जल्दबाजी में जान गंवाने का कोई विकल्प नहीं है.

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