
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मिलाद-उन-नबी के मौके पर मुल्क के लोगों को मुबारकबाद दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लोगों को ईद मुबारक कहा. पीएम मोदी ने अपने पैगाम में समाज में भाईचारा, खुशी और इत्तेहाद बढ़ने की कामना की.
प्रधानमंत्री ने लिखा, "ईद मुबारक. मिलाद-उन-नबी के मौके पर मेरी मुबारकबाद. मुझे उम्मीद है कि यह मुबारक मौका हमारे आसपास आपसी इत्तेहाद और खुशी को बढ़ावा देगा. मेहरबानी और समाज की भलाई के लिए कुछ करने का जज़्बा हमेशा हमारी रहनुमाई करता रहे."
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पैगंबर मोहम्मद की पैदाइश की याद में मनाया जाता है मिलाद-उन-नबी
मिलाद-उन-नबी को ईद-ए-मिलाद या मौलिद के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन पैगंबर मोहम्मद की पैदाइश की खुशी और उनकी जिंदगी और तालीमात को याद करने के लिए मनाया जाता है. इस्लामी रवायत के मुताबिक, पैगंबर मोहम्मद की पैदाइश करीब 570 ईस्वी में मक्का में हुई थी. यह त्योहार इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल में मनाया जाता है.

इस मौके पर पैगंबर मोहम्मद की जिंदगी, उनके पैगाम और उनकी तालीमात को याद किया जाता है. रहमदिली, इंसानियत, जरूरतमंदों की मदद, इंसाफ और भाईचारा उनकी तालीमात के अहम पहलू माने जाते हैं. इसी जज़्बे के तहत लोग जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करते हैं.
देशभर में होते हैं धार्मिक आयोजन
भारत के मुख्तलिफ हिस्सों में मिलाद-उन-नबी के मौके पर मस्जिद और दरगाहों को रोशनी से सजाया जाता है. खास नमाज और मजहबी प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं. कई जगहों पर जुलूस निकाले जाते हैं और पैगंबर मोहम्मद की सीरत और तालीमात पर तकरीरें की जाती हैं.

इस मौके पर लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं. कई सामाजिक और मजहबी तंजीमें जरूरतमंदों के बीच खाना, मिठाइयां और कपड़े भी बांटते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने पैगाम में मेहरबानी, खिदमत और समाज की भलाई के जज़्बे को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.