नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अपनों की तलाश कर रहे परिवारों के लिए भारत सरकार ने अहम कदम उठाया है. बाढ़ में लापता लोगों की पहचान के लिए अब भारत में उनके करीबी रिश्तेदारों की DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी. इसके बाद इन DNA प्रोफाइल का मिलान नेपाल में मिले अज्ञात शवों से किया जाएगा.
विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, भारत में रहने वाले लापता लोगों के फर्स्ट-डिग्री जैविक रिश्तेदारों के सैंपल लेकर DNA प्रोफाइल तैयार की जाएगी. इनमें माता-पिता, बेटा, बेटी और भाई-बहन शामिल हैं. इसके लिए भारत की केंद्रीय और राज्य स्तरीय फॉरेंसिक लैब की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
DNA प्रोफाइल बनाने के लिए अब सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब (CFSL), राज्य फॉरेंसिक साइंस लैब (SFSL), नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की लैब और NABL से मान्यता प्राप्त उन लैब्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहाँ डीएनए प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध है.
नेपाल पुलिस से होगा DNA का मिलान
मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स (MEA) ने बताया कि नेपाल पुलिस की सलाह के मुताबिक पहचान के लिए Autosomal STR DNA profiling कराई जा सकती है.इसके लिए नेपाल पुलिस ने तकनीकी जरूरतों की जानकारी भी साझा की है .DNA प्रोफाइल तैयार होने के बाद उसे जरूरी शुरुआती जानकारी के साथ नेपाल पुलिस को भेजा जा सकेगा.
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इन DNA प्रोफाइल को नेपाल पुलिस के ईमेल dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजा जा सकता है. इससे नेापल में मिले अज्ञात शवों के DNA प्रोफाइल के साथ इनका मिलान और पहचान की जाएगी. भारत सरकार ने समन्वय के लिए एक और व्यवस्था की है. DNA प्रोफाइल की कॉपी काठमांडू के भारतीय दूतावास को eoikathmandufloodsupport@gmail.com पर भेजी जा सकती है.
इसके साथ ही लोगों की सहायता के लिए पुलिस का हेल्पलाइन नंबर +977 9841 6160 95 भी जारी किया गया है.
1,296 लोगों की मौत, 5 हजार अब भी लापता
नेपाल में पिछले हफ्ते आई त्रासदी से कई घर उजड़ गए. नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,296 हो गई है.राहत और बचाव टीमों ने अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि करीब 5 हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि काठमांडू के भारतीय दूतावास ने मंगलवार को पीड़ितों के शवों की पहचान से जुड़ी जानकारी और प्रक्रिया साझा की थी. अब गृह मंत्रालय की पहल से भारत में DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराकर पहचान की प्रक्रिया को और आसान बनाने की कोशिश की जा रही है.
बता दें कि 26 अगस्त को आया यह फ्लैश फ्लड नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद आई थी. इसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को भारी नुकसान पहुंचाया है.अब DNA जांच की यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए उम्मीद के नए रास्ते खोलेगी जो अपने लापता परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं.