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NDRF अलर्ट, पल-पल की मॉनिटरिंग... नेपाल में बाढ़ से तबाही के बाद भारत की क्या तैयारी

नेपाल के तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव के लिए 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाएं भेजीं. बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

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नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद यूपी के कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट पर है
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद यूपी के कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट पर है

नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. बुधवार रात भारत ने नेपाल के लिए 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाओं की पहली खेप रवाना की. वहीं नेपाल से आने वाली बाढ़ की लहर के भारत में गंडक नदी पर संभावित असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी निगरानी बढ़ा दी है. 

गृह मंत्रालय समेत कई केंद्रीय मंत्रालय लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बिहार के छह जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर समेत सीमावर्ती इलाकों में भी NDRF को तैयार रखा गया है. नेपाल में फ्लैश फ्लड से कम से कम 95 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली और भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए करीबी समन्वय कर रही हैं.

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C-130J विमान से भेजी गई 10 टन राहत सामग्री

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी है. इसमें जरूरी दवाओं के साथ अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट और सोलर लैंप जैसी आपातकालीन जरूरत की चीजें शामिल हैं. राहत सामग्री भारतीय वायुसेना के C-130J सैन्य परिवहन विमान से भेजी गई. विमान ने बुधवार रात करीब 8:35 बजे दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए उड़ान भरी.

भारतीय वायुसेना ने बताया कि नेपाल में विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए C-130J प्लेन के जरिए 10 टन जरूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई भेजी गई है. आने वाले समय में C-17 और C-130 विमानों के जरिए राहत सामग्री की और खेप नेपाल पहुंचाई जाएगी. इसके साथ ही बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने के अभियान के लिए हेलिकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं.

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उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में पुलिस नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर रही है

नेपाल की बाढ़ पर गृह मंत्रालय की पैनी नजर

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारतीय सीमा तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी निगरानी बढ़ा दी है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में फ्लैश फ्लड की स्थिति पर केंद्र की पैनी नजर है और गृह मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय समेत संबंधित विभाग लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

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NDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सीमावर्ती इलाकों में राहत एवं बचाव टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

NDRF कमांडेंट ज्ञानेश्वर सिंह के मुताबिक, तिब्बत-नेपाल सीमा पर ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) आया, जिसका पानी नेपाल में आगे बढ़ा है. इसके प्रभाव से गंडक नदी में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका जताई गई है. नेपाल के 'फुरके खोला' इलाके में भी नदी का जलस्तर बढ़ा है. यह इलाका भारतीय सीमा से करीब 160 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है.

बिहार के इन 6 जिलों में विशेष सतर्कता

नेपाल की बाढ़ के संभावित असर को देखते हुए बिहार में गंडक नदी से जुड़े छह जिलों को विशेष रूप से सतर्क किया गया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है. प्रशासन को गंडक नदी के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

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बिहार के बेतिया में भी प्रशासन अलर्ट पर है

गोपालगंज में NDRF की टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि मुजफ्फरपुर में एक टीम स्टैंडबाय पर रहेगी. बेतिया में भी NDRF की टीम की तैनाती की तैयारी की जा रही है. स्थानीय प्रशासन से नाव, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखने को कहा गया है.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार के मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली है. केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है.

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यूपी के कुशीनगर में NDRF की टीम तैनात

उत्तर प्रदेश में भी नेपाल की बाढ़ के संभावित प्रभाव को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. खासतौर पर कुशीनगर में गंडक-नारायणी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. NDRF के मुताबिक, गंडक नदी के किनारे स्थित कुशीनगर संभावित बाढ़ की लहर से प्रभावित हो सकता है, इसलिए यहां टीम तैनात की गई है.

NDRF की पहले से नौ टीमें बिहार और 11 टीमें उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव से जुड़े राहत-बचाव कार्यों के लिए तैनात हैं. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को भी लगाया जा सकता है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर हालात का जायजा लेने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. लगातार बारिश के कारण जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन करने तथा प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा गया है.

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यूपी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने 1070 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे यूपी के किसी नागरिक को मदद की जरूरत होने पर उसके परिजन इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं.

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कुशीनगर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने नारायणी नदी से सटे इलाकों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया. प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है.

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने वाल्मीकिनगर बैराज का भी निरीक्षण किया. प्रशासन लगातार नारायणी नदी के जलस्तर और स्थिति पर नजर बनाए हुए है. फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है.

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नेपाल के साथ खड़ा भारत

भारत ने साफ किया है कि राहत सामग्री की पहली खेप के बाद नेपाल को और सहायता भेजी जाएगी. गुरुवार सुबह एक और सैन्य परिवहन विमान के काठमांडू रवाना होने की संभावना है. जरूरत के मुताबिक वायुसेना के विमानों और हेलिकॉप्टरों को राहत, बचाव और निकासी अभियान में लगाया जाएगा.

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इस बीच बिहार सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि लोग अफवाहों से बचें और बाढ़ से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. केंद्र और राज्य सरकारें नेपाल से आने वाली बाढ़ की लहर और गंडक समेत सीमावर्ती नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

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