NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर धरपकड़ जारी है. इस मामले में CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि NEET UG पेपर लीक मामले में चार्जशीट 20 हजार पन्नों की है. फिलहाल कोर्ट ने CBI को चार्जशीट के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने का समय दिया है.
NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर युवा धरने पर थे. सरकार ने युवाओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया था. अब इस मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने चार्जशीट को रिकॉर्ड पर ले लिया है. CBI ने कोर्ट में बताया कि नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर चार्जशीट तकरीबन 20 हजार पन्नों की है.
कोर्ट ने CBI से चार्जशीट में बताए गए बयानों और दूसरे दस्तावेजों को लेकर सवाल किया कि वे कहां हैं. CBI ने अन्य दस्तावेज जमा करने के लिए फिलहाल कोर्ट से समय मांगा है. CBI का कहना है कि फिलहाल एनेक्जर वाले दस्तवाजें की स्कैनिंग की जा रही है. कोर्ट ने CBI को समय दिया है और अब मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.
आरोपपत्र में 422 दस्तावेज हैं, साथ ही 360 गवाहों की सूची और 43 भौतिक सबूतों की भी इसमें पेशी की गई है. इस मामले में 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में है. इनमें एनटीए के 3 विषय विशेषज्ञ और बाकी कोचिंग सेंटर्स से जुड़े लोग भी शामिल हैं.
भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामले पहले ही दर्द कर लिए गए हैं. गुरुवार को विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी है.
इस चार्जशीट में 13 लोगों के नाम हैं: 1. एनटीए जीवविज्ञान विशेषज्ञ- मनीषा मंधारे 2. एनटीए रसायन विज्ञान विशेषज्ञ- प्रल्हाद विट्ठलराव 3. एनटीए भौतिकी विशेषज्ञ- मनीषा संजय हवलदार
इनके अलावा इस चार्जशीट में कई बिचौलियों के नाम भी शामिल हैं. बिचौलियों में मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे, शुभम मधुकर खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे का नाम इसमें शामिल हैं. इस चार्जशीट में लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर और पुणे स्थित एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट के भौतिकी संकाय और सीओओ तेजस हर्षदकुमार शाह का नाम भी शामिल है.
मामले की सुनवाई अब तीन अगस्त को होने वाली है.