
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का राज्यसभा में बतौर सदस्य कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो गया था. राज्यसभा सदस्य के रूप में खड़गे का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही विपक्ष के नेता का पद भी रिक्त हो गया था. अब खड़गे के राज्यसभा सदस्य के रूप में दूसरे कार्यकाल का आगाज हो गया है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को राज्यसभा सदस्यता की शपथ ली.
मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक से लगातार दूसरी बार उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए हैं. राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मल्लिकार्जुन खड़गे को सदस्यता की शपथ दिलाई. मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिंदी में शपथ ली. इस मौके पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, नेता सदन जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहे.
राज्यसभा सदस्यता की शपथ लेने के साथ ही मल्लिकार्जुन खड़गे को फिर से विपक्ष का नेता भी चुन लिया गया. मल्लिकार्जुन खड़गे ने शपथग्रहण के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि जनता की चिंता, आकांक्षा और आवाज को पूरी ईमानदारी, दृढ़ विश्वास और संकल्प के साथ उठाते रहेंगे. उन्होंने फिर से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने और उच्च सदन में विपक्ष के नेता के रूप में जिम्मेदारी को गर्व का विषय बताया.

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गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे साल 1972 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे. मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार नौ बार कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रहे. वह कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे. साल 2009 में वह लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए और यूपीए 2.0 में मंत्री भी बने. 2014 से 2019 तक वह लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता रहे.
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मल्लिकार्जुन खड़गे 2019 के लोकसभा चुनाव में हार गए थे. इसके बाद 2020 में उनको पहली बार राज्यसभा के लिए चुना गया था. राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो गया था. अब उनको लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुन लिया गया है.