सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan)को भारत का नया उपराष्ट्रपति चुन लिया गया है. उन्हें 452 वोट मिले. वह वर्तामान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं.
भाजपा संसदीय बोर्ड ने 17 अगस्त 2025 को राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार के रूप में नामित किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ कई नेताओं की बैठक में इस पर सहमति बनी थी. जिसके बाद नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया था.
सी. पी. राधाकृष्णन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अपने युवावस्था से जुड़े हुए हैं. तमिलनाडु के कोयंबटूर से आने वाले राधाकृष्णन का राजनीतिक जीवन लंबा और सक्रिय रहा है. वे 1998 के आम चुनावों में पहली बार कोयंबटूर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे और 1999 में पुनः निर्वाचित हुए। हालांकि, 2004 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद वे 2014 और 2019 में भी कोयंबटूर से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े, लेकिन दोनों बार पराजित हुए.
वे तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठनात्मक कार्यों में उनकी गहरी पकड़ रही है. एनडीए द्वारा उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने को दक्षिण भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु में भाजपा के राजनीतिक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में सी. के. पोनुसामी और के. जानकी के घर हुआ था. वे कोंगु वेल्लालार गौंडर समुदाय से संबंध रखते हैं, जो तमिलनाडु के पश्चिमी भाग में प्रमुख मानी जाती है.
युवा अवस्था में वे एक कुशल टेबल टेनिस खिलाड़ी थे और कॉलेज स्तर पर चैंपियन भी रहे. उन्होंने तूतीकोरिन स्थित वी. ओ. चिदंबरम कॉलेज से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री प्राप्त की है.
राधाकृष्णन की सामाजिक और राजनीतिक यात्रा मात्र 17 वर्ष की आयु में ही आरंभ हो गई थी, जब वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनसंघ जैसे संगठनों से जुड़ गए थे। तब से लेकर अब तक वे पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित रहे हैं.
एनडीए द्वारा उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के लिए चुना जाना अनुभव, निष्ठा और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का प्रतीक माना जा रहा है.
राज्यसभा में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब बीजेपी सांसद सी सदानंदन मास्टर ने अपने आर्टिफिशियल पैर सदन की मेज पर रख दिए. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उन्होंने 31 साल पहले हुए एक हमले का जिक्र किया और इसका आरोप CPI-M कार्यकर्ताओं पर लगाया.
तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. डीएमके फिर से सत्ता में आने के लिए बीजेपी को टार्गेट कर रही है. हालांकि अभी पिछले विधानसभा चुनाव तक बीजेपी अन्य पार्टियों के मुकाबले बहुत पीछे थी.
2025 में राजनीतिक उपलब्धियों के हिसाब से देखें तो नीतीश कुमार का मुकाबला नहीं है. बिहार से ही आने वाले नितिन नबीन भी उनको जोरदार टक्कर देते हैं. रेखा गुप्ता भी अपनी कैटेगरी में टॉपर ही नजर आती हैं, और जाते हुए साल ने तो एकनाथ शिंदे और अजित पवार की झोली में भी कुछ न कुछ डाला ही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को सदन और अपनी ओर से बधाई दी. उन्होनें कहा कि 'मैं सदन की तरफ से और अपनी तरफ से आप को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. सीपी राधाकृष्णन ने इसी साल 12 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद का भार संभाला है.
संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा. राज्यसभा में पहले दिन सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही की कमान संभाल ली है. हंगामे के बीच लोकसभा में तीन बिल पेश किए गए, जिनमें से एक बिना चर्चा के पारित भी हो गया है.
शीतकालीन सत्र के पहले दिन बिहार से बीजेपी सांसद धर्मशीला गुप्ता शून्यकाल के दौरान मौका मिलने पर भी इसलिए नहीं बोल पाईं, क्योंकि उनके पास वो नहीं था जो बोलना था. वहीं, संगीता यादव दूसरे ही विषय पर बोल गईं.
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने नए सभापति सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी और उन्हें दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी. इस दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष सदन में मुद्दों के साथ जवाब देगा.
76वें संविधान दिवस के मौके संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान का नौ भाषाओं में अनुवादित संस्करण जारी किया. कार्यक्रम में संविधान के महत्व, सामाजिक न्याय, आर्थिक सुधार और राजनीतिक एकीकरण पर जोर दिया गया.
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने काशी में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा किस्सा शेयर किया है. उन्होंने बताया कि जब वे 25 साल पहले काशी आए और यहां गंगा स्नान किया था, तभी उन्होंने शुद्ध शाकाहारी जीवनशैली अपना ली थी. उपराष्ट्रपति ने वाराणसी में शुक्रवार को श्री काशी नट्टुक्कोट्टई नगर सतराम मैनेजिंग सोसाइटी द्वारा निर्मित नए सत्रम (धर्मशाला) का उद्घाटन किया.
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों के संकलन ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के चौथे और पांचवें भाग का विमोचन किया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने रक्षा, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल की है.
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जुलाई में इस्तीफा देने के बाद पहली बार नौ सितंबर को सार्वजनिक बयान जारी कर राधाकृष्णन को बधाई दी थी. उन्होंने अपने पत्र में कहा था कि नए उपराष्ट्रपति की यह उपलब्धि देश के प्रतिनिधियों का विश्वास दर्शाती है.
इस्तीफे के 53 दिन बाद पहली बार नजर आए Jagdeep Dhankhar, राधाकृष्णन के शपथ समारोह में पहुंचे
नेपाल में अंतरिम सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिरोध जारी है. राष्ट्रपति भवन में सुशीला कार्की का नाम अंतरिम सरकार प्रमुख के लिए प्रस्तावित किया गया है, हालांकि राजनीतिक दल संसद विघटन का विरोध कर रहे हैं. इस बीच, सीपी राधाकृष्णन् ने राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंतरराष्ट्रीय पांडुलिपि सम्मेलन में ज्ञान भारत मुख्यालय की शुरुआत करेंगे और मणिपुर का दौरा कर 8500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे. छत्तीसगढ़ में 10 नक्सली ढेर हुए हैं.
CP Radhakrishnan ने ली उपराष्ट्रपति पद की शपथ, जानिए उनका पॉलिटिकल करियर
एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए. उन्होंने इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को हराया. राधाकृष्णन को 452 और रेड्डी को 300 वोट मिले. चुनाव में क्रॉस-वोटिंग से विपक्षी खेमे की दरार साफ दिखी.
राधाकृष्णन् ने भारत के पंद्रहवें उपराष्ट्रपति पद के तौर पर शपथ ग्रहण की. यह शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राधाकृष्णन् को उपराष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल उपस्थित थे. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी इस समारोह में शामिल हुए.
भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन में शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और सांसद उपस्थित रहे. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थे. देखें आज सुबह.
सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन में भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद रहे. इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी, तमाम कैबिनेट मंत्री और विपक्ष के नेता भी उपस्थित रहे.
सी.पी. राधाकृष्णन शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली है. उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारियों में राज्यसभा के सभापति के तौर पर सदन की कार्यवाही चलाना और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति का कार्यभार संभालना शामिल है. आइए जानते हैं कि उपराष्ट्रपति का काम क्या होता है, उन्हें कितनी सैलरी मिलती है और कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं.
राष्ट्रपति भवन में आज उपराष्ट्रपति पद के शपथग्रहण का कार्यक्रम आयोजित होना है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 10 बजे सीपी राधाकृष्णन को शपथ दिलाएंगी. 67 वर्षीय राधाकृष्णन इससे पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल थे.
CP Radhakrishnan भारत के 17वें राष्ट्रपति बने हैं. उन्होंने इंडिया ब्लॉक के सुदर्शन रेड्डी का 152 वोटों से शिकस्त दी है. राज्यसभा के सभापति के तौर पर लाखों का वेतन और अन्य भत्ते मिलेंगे.