कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में युवाओं की शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला.खड़गे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार की गलत नीतियों ने देश के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों और महंगी होती उच्च शिक्षा का मुद्दा भी उठाया.
खड़गे ने कहा कि आज कांग्रेस की सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा विषय देश के युवा हैं. आजादी के 80 साल पूरे होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हालात बेहतर होने के बजाय बदतर होते जा रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों ने युवाओं को हताशा के दलदल में धकेल दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया है.' उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक उन्माद और 'रेवड़ी कल्चर' की होड़ के बीच सबसे ज्यादा उपेक्षा युवाओं की शिक्षा और रोजगार की हुई है.
'नौकरी खोजने पर पेपर लीक और भर्ती घोटालों से सामना'
खड़गे ने रोजगार और सरकारी भर्तियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवा अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद जब नौकरी की तलाश में निकलते हैं तो उन्हें पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण युवाओं में गुस्सा पैदा हुआ है, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी. इसी वजह से युवाओं को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
इस दौरान झारखंड की भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का मामला भी सामने आया. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के मुताबिक, झारखंड सरकार की ओर से भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद तीन प्रदर्शनकारियों ने अपना 15 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया.
'महंगी होती जा रही हायर एजुकेशन'
खड़गे ने देश में हायर एजुकेशन की स्थिति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे आम परिवारों के युवाओं के लिए पढ़ाई मुश्किल हो रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि देश के शैक्षणिक संस्थानों पर लगातार RSS से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है. उन्होंने शिक्षा और रोजगार को युवाओं के भविष्य से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.