एजुकेशन सिस्टम और एग्जाम आदि में बड़े सुधार की दिशा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा कदम उठाया है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, NTA ने 47 अधिकारियों को टर्मिनेट कर दिया है. इसके साथ ही कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है. मंत्रालय का कहना है कि आने वाले दिनों में एजेंसी में सुधार से जुड़े और भी कई अहम कदम उठाए जाएंगे. गौरतलब है कि हाल के समय में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर NTA लगातार विवादों में रही है.
ऐसे में एजेंसी के ढांचे और कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई है. शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई NTA के संपूर्ण पुनर्गठन (ओवरहॉल) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया जा सके.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगी सरकार!
इससे पहले सूत्रों के हवाले से सामने आया था कि सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करेगी. नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मांग को स्वीकार नहीं करेगी.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे और सरकार इसे समस्या का समाधान नहीं मानती. सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि इस्तीफा देना और जिम्मेदारी से पीछे हट जाना सबसे आसान रास्ता है. जनता ने सरकार को जनादेश दिया है और सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए व्यवस्था में सुधार करेगी. पूरी पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ी है.
NTA ने शुरू की भर्ती प्रक्रिया, निकाली वैकेंसी
वहीं दूसरी ओर खबर सामने आई है कि, NTA ने अपने संस्थागत पुनर्गठन (Institutional Restructuring) के तहत बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था NTA ने चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर (General Manager) के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है. इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिभा सेतु (Pratibha Setu) पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स के आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं.
यह भर्ती प्रक्रिया प्रो. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति (High-Level Committee of Experts) की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम मानी जा रही है. यह समिति राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के संचालन को लेकर उठे सवालों और विवादों के बाद गठित की गई थी.