संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है और दूसरे हाफ की शुरुआत भी हंगामेदार हुई है. लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के सदस्यों से प्रश्नकाल चलुने देने का आग्रह किया. विपक्ष का हंगामा नहीं थमा, तब स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
स्पीकर ने विपक्ष को सदन की गरिमा बनाए रखने की हिदायत भी दी. दरअसल, सुबह 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के सदस्यों ने अपनी सीट पर खड़े होकर बोलना शुरू कर दिया. स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों को रोकते हुए कहा कि प्रश्नकाल सदन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. आज भी विपक्ष के सदस्यों के आठ प्रश्न लिस्टेड हुए हैं.
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के अंदर एक तरफ जहां क्षेत्र की समस्याएं उठती हैं, वहीं सरकार की जवाबदेही भी तय होती है. स्पीकर ने कहा कि इसीलिए आग्रह है कि आप प्रश्नकाल के दौरान सबको बोलने का अवसर दें. उन्होंने कहा कि आप कहते हैं कि सबको बोलने का अवसर दिया जाए, अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए.
स्पीकर ने कहा कि सदन में जब बोलने का अवसर दिया जाता है, अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है, उस समय आप बोलना नहीं चाहते. उन्होंने कहा कि सदन में गतिरोध करना चाहते हैं. स्पीकर ने कहा कि यह सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है. कोई विषय उठाना है, आप प्रश्नकाल के बाद उठा सकते हैं. इसी दौरान विपक्ष के सदस्यों ने आठ सदस्यों के सस्पेंसन का मुद्दा उठाया और कहा कि 40 दिन हो गए सर.
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स्पीकर ओम बिरला ने इस पर दो टूक कहा कि सदन की मेजों पर चढ़ोगे, तो यही कार्रवाई होगी. क्लियर है. उन्होंने कहा कि एक और आग्रह कर रहा हूं, सदन की पवित्रता चाहे संसद परिसर के अंदर हो या संसद के बाहर हो, संसद की पवित्रता, मर्यादा, प्रतिष्ठा बनाने की जिम्मेदारी सबकी है. स्पीकर ने कहा कि जिस तरह का आचरण, व्यवहार आप कर रहे हैं, सदन की पवित्रता को समाप्त कर रहे हैं.
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उन्होंने कहा कि अगर आप प्रश्नकाल नहीं चलाना चाहते, नियोजित गतिरोध उत्पन्न करना चाहते हैं, तो सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है. लोकसभा में एक दिन पहले भी प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी थी. विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर ने कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी.