तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस की ओर से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं पर की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने हिरासत की प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध करने वालों को 'विदेशी एजेंट' बता रही है.
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'लोकतंत्र में अगर आप कानून की प्रक्रिया के उल्लंघन पर सवाल उठाते हैं तो आपको कई नामों से बुलाया जाता है. आपको कई तरह के हमलों का सामना करना पड़ता है, जिसमें 'विदेशी एजेंट' बताया जाना भी शामिल है.'
अन्नामलाई की यह टिप्पणी एक दिन बाद आई है, जब उन्होंने CJP पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को 'वास्तव में नुकसान पहुंचाने वाली' कार्रवाई बताया था. उन्होंने संगठन के सवाल उठाने के लोकतांत्रिक अधिकार का भी बचाव किया था.
बीजेपी को लेकर सवाल
बीजेपी ने अन्नामलाई पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा कि बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपना रुख बदल लिया है. जून में बीजेपी छोड़ चुके अन्नामलाई ने कहा कि केंद्र सरकार को CJP की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उसके प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी बताना चाहिए. उन्होंने CJP के प्रदर्शन के तरीकों से खुद को अलग रखते हुए संगठन के विरोध करने के अधिकार का बचाव किया.
अन्नामलाई ने कहा, 'मैं बीजेपी के कुछ लोगों के लिए एक बात साफ करना चाहता हूं. अगर आपको अपनी सुविधा के हिसाब से चीजों को भूल जाने की आदत है, तो इसे अब मत भूलिए. मैंने 5 जून 2026 को बीजेपी छोड़ दी थी. जैसा कि मैंने कल कहा था, मैं CJP के प्रदर्शन के तरीकों से सहमत नहीं हूं और मुझे उसके कई तरीके गलत लगते हैं. लेकिन अगर आप मुझसे पूछें कि क्या उन्हें किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रदर्शन करने, बहस करने या लड़ने का अधिकार है, तो मेरा जवाब हां होगा.'
केंद्र से पांच सवाल पूछे
अन्नामलाई ने केंद्र सरकार से पांच सवाल पूछे. इनमें जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाने, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में काम कर रहे पुलिस अधिकारियों की शक्तियों, 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए CJP सदस्यों से जुड़े जमानत मामले, आठ जमानतदारों को खारिज करने और NEET प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन के कथित इस्तेमाल और मानक संचालन प्रक्रिया के उल्लंघन से जुड़े सवाल शामिल हैं.
अन्नामलाई ने सवाल किया कि CJP की ओर से प्रदर्शन की अनुमति मांगे जाने के बाद जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से कैसे हटाया गया. उन्होंने कहा कि मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने हिरासत में लिए गए CJP पदाधिकारियों को रिहा कर दिया था.
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या बीजेपी वास्तव में CJP का विरोध कर रही है या उसे मुफ्त प्रचार दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि क्या बीजेपी विपक्षी दलों के वोट बांटने के लिए CJP को बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में पेश करना चाहती है.
BJP ने अन्नामलाई पर साधा निशाना
अन्नामलाई के बयान पर बीजेपी ने भी जवाब दिया. तमिलनाडु बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने उन पर SIR को लेकर रुख बदलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अन्नामलाई पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण का बचाव करते थे और दावा करते थे कि तमिलनाडु में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता हैं, जिन्हें हटाने की जरूरत है. तिरुपति ने मई 2026 में कांग्रेस नेता शशि थरूर के साथ अन्नामलाई की सार्वजनिक बहस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय अन्नामलाई ने SIR को निष्पक्ष और जरूरी बताया था और विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने अपना रुख बदल लिया है. उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने को लेकर भी अन्नामलाई की आलोचना की. उनका कहना था कि जब प्रदर्शन कानूनी सीमाओं को पार करते हैं या प्रदर्शनकारियों को हटने के लिए कहे जाने के बाद भी जारी रहते हैं, तो पुलिस को कार्रवाई करनी होती है. नारायणन तिरुपति ने कहा कि अन्नामलाई पूर्व IPS अधिकारी के तौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को समझते हैं.