के. अन्नामलाई (Annamalai) का पूरा नाम अन्नामलाई कुप्पुस्वामी है. वह तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष हैं (Annamalai BJP President). उन्होंने 5 जून 2026 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. वे कर्नाटक कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी भी रहे हैं. उन्होंने 2019 में IPS से इस्तीफा दे दिया था. उस वक्त वह बेंगलुरु साउथ के DCP थे (Annamalai Former IPS Officer).
अन्नामलाई को औपचारिक रूप से 25 अगस्त 2020 को भाजपा में शामिल किया गया था. उनके शामिल होने को तमिलनाडु में पार्टी के लिए एक बड़ा बढ़ावा माना जाता था. उन्हें पहले उपाध्यक्ष और फिर राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया (Annamalai Joind BJP).
उनका जन्म 1987 में करूर, तमिलनाडु में हुआ था (Annamalai Age). वह एक वेल्लाला गौंडर परिवार से ताल्लुक रखते हैं. यह तमिलनाडु की एक शक्तिशाली और काफी धनी ओबीसी जाति है और राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में इसकी मजबूत उपस्थिति है.
उन्होंने कोयंबटूर के पीएससी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया है और आईआईएम, लखनऊ से एमबीए की है (Annamalai Education).
अन्नामाली को कर्नाटक के सिंघम के नाम भी से जाने जाते हैं. वह कई हाई प्रोफाइल मामलों को सुलझाने में शामिल थें (Annamalai).
तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने अपनी 'वी द लीडर्स' मुहिम को लेकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि यह पहल जल्द राजनीतिक दल का रूप ले सकती है. इसके साथ ही संगठन के भविष्य और नेतृत्व को लेकर भी एक अहम दावा किया है.
NEET री-टेस्ट की सख्त सुरक्षा व्यवस्था पर अन्नामलाई की आलोचना के बाद तमिलनाडु बीजेपी ने जवाब देते हुए इसे मेरिट और निष्पक्षता की सुरक्षा बताया है.
तमिलनाडु बीजेपी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई की नई राजनीतिक पार्टी को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया है. पार्टी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि अन्नामलाई को नई पार्टी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह का कोई समर्थन नहीं मिला है.
तमिलनाडु में बीजेपी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. पार्टी के राज्य सचिव सुमति वेंकटेश ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं, राज्य उपाध्यक्ष करू नागराजन ने भी पार्टी छोड़ने का फैसला किया है.
बीजेपी छोड़ने के बाद आखिरकार अन्नामलाई ने चुप्पी तोड़ दी है। जिस नेता को कभी तमिलनाडु में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता था, वही अब पार्टी से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक राह पर निकल पड़ा है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि अन्नामलाई ने बीजेपी क्यों छोड़ी... बड़ा सवाल यह है कि क्या तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक ताकत जन्म लेने वाली है?
तमिलनाडु में बीजेपी की पहचान बन चुके पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देकर 'कॉमन मैन' के रूप में एक नए और अनोखे राजनीतिक सफर की शुरुआत की है. 'वी द लीडर्स' नाम से एक नए डिजिटल आंदोलन की नींव रखकर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति और बीजेपी के केंद्रीय ढर्रे, दोनों से अलग एक नया विकल्प तैयार करना चाहते हैं.
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को दहाई अंकों में वोट शेयर दिलाकर इतिहास रचने वाले अन्नामलाई का जाना पार्टी के लिए किसी चुनावी हार से भी ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या विजय और उदयनिधि स्टालिन जैसे युवा चेहरों के उभार के बीच, अपने सबसे बड़े स्टार नेता के बिना बीजेपी तमिलनाडु की भविष्य की सियासत में अपनी प्रासंगिक बनाए रख पाएगी.
बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद के. अन्नामलाई ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वे तमिलनाडु में पार्टी को अकेले चुनाव लड़ाना चाहते थे. उन्होंने पीएम मोदी के सम्मान में सम्मानजनक एग्जिट की बात कही. साथ ही, उन्होंने अपने नए राजनीतिक आंदोलन 'अन्नामलाई मक्कल इयक्कम' (AMI) का ऐलान किया.
भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडु प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आधिकारिक तौर पर अन्नामलाई के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है.
आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव के सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर अन्नामलाई चैप्टर का असर पड़ा है. पहले तय फॉर्मूले के मुताबिक टीडीपी को दो, जन सेना पार्टी को एक और बीजेपी को एक सीट पर उम्मीदवार उतारना था. अब सीट शेयरिंग फॉर्मूला बदल गया है.
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई पिछले कुछ दिनों से बीजेपी में हाशिए पर चल रहे थे. उनकी पार्टी से नाराजगी के चर्चे भी आम थे. अब बीजेपी से उनका मोह भंग हो गया है.
राजनीति में लंबे सफर के बाद रास्ते बदल पाना आसान नहीं होता. लेकिन, तमिलनाडु के नेता अन्नामलाई बीजेपी का साथ एक खूबसूरत मोड़ पर ही छोड़ना चाहते हैं. अन्नामलाई चाहते हैं आगे भी मिलकर या गठबंधन में काम करने की पूरी गुंजाइश बनी रहे. अन्नामलाई की यह कोशिश राजनीति के दुर्लभ प्रयासों में शुमार की जाएगी.
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने का मौखिक संकेत दिया है, जिससे पार्टी और राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें जल्दबाजी न करने को कहा है.
तमिलनाडु BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष से मुलाकात की है. पार्टी छोड़ने और नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों के बीच हुई इन बैठकों के बाद BJP नेतृत्व ने उन्हें इंतजार करने की सलाह दी है.
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार तेज हैं. नई पार्टी बनाने और भाजपा छोड़ने की अटकलों के बीच उन्होंने दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की है. इन बैठकों में तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई. हालांकि फिलहाल उन्होंने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, जिससे उनके अगले कदम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है.
अन्नामलाई और बीजेपी एक दूसरे के लिए मददगार साबित हुए हैं. अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से ही नाराज हैं, लेकिन अब बात गंभीर रूप ले चुकी है. खुद तो कुछ नहीं कहा है, लेकिन सूत्रों और उनके समर्थकों से मालूम हुआ है कि अन्नामलाई नया रास्ता भी अख्तियार कर सकते हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर से हलचल होती दिख रही है. राज्य में ऐसी खूब चर्चा है कि अन्नामलाई नई पार्टी लॉन्च कर सकते हैं. अन्नामलाई के फैन्स ने सदस्यों और पदाधिकारियों का नामांकन शुरू कर दिया है, जबकि अन्नामलाई खुद तमिलनाडु बीजेपी की बैठक से अनुपस्थित रहे. उन्होंने केंद्र की तीन-भाषा नीति को लेकर भी सवाल उठाया है.
तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. कोयंबटूर में लगे पोस्टरों और उनके हालिया बयान के बाद नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. भाषा नीति, पार्टी बैठकों से दूरी और राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच अन्नामलाई के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव है. सुलुर में स्थानीय लोग और परिजन सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है. वहीं, BJP नेता के. अन्नामलाई ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री विजय पर कानून-व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु में स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में BJP नेता के. अन्नामलाई और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बीच दिलचस्प जुबानी मुकाबला देखने को मिला. कांग्रेस द्वारा DMK छोड़ TVK का समर्थन करने पर अन्नामलाई ने पार्टी की तुलना ‘गिरगिट’ से की, जिसके बाद थरूर का जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
सैन फ्रांसिस्को में स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान शशि थरूर, तेजस्वी सूर्या और के. अन्नामलाई के बीच हिंदी, परिसीमन, उत्तर-दक्षिण राजनीति और वोटर लिस्ट को लेकर तीखी बहस देखने को मिली. थरूर ने हिंदी और यूपी की आबादी पर सवाल उठाए, जबकि अन्नामलाई और सूर्या ने उनके बयानों का जवाब दिया.