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झारखंड में फर्जी दस्तावेज जमा करने का मामला, EC ने 5 लोगों के खिलाफ दिया FIR का आदेश

झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने फर्जी दस्तावेज जमा करने को लेकर पांच लोगों के खिलाफ FIR करने के आदेश दिए हैं. इन लोगों पर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने का आरोप है.

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SIR (File Photo)
SIR (File Photo)

झारखंड में SIR प्रक्रिया जारी है. झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने शनिवार को पुलिस को निर्देश दिया है कि उन पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए जिन्होंने फर्जी दस्तावेज जमा करके मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने की कोशिश की थी. 

दरअसल, विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत संथाल परगना क्षेत्र के जिलों में शिकायतें मिलने पर अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे. इस दौरान पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नाम शामिल करने के मामलों का निरीक्षण किया.

उन्होंने बताया कि पाकुड़ के बरहवा ब्लॉक से कुछ शिकायतें आई थी. उनके मुतबाकि, जांच में फर्जी दस्तावेज जमा करने के मामले भी सामने आए हैं. एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ऑपरेटर की भी पहचान की गई है, कहा गया है कि यह कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जारी करता था. उसके खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं. 

बता दें, कॉमन सर्विस सेंटर ऐसे केंद्र होते हैं, जहां लोगों को सरकारी ऑनलाइन सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जाती हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, रुबेदा बेवा, रवि शेख, पिंटू शेख और सेंटू शेख, इन चार आरोपियों ने कथित तौर पर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र जमा किया था. वहीं, कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक की पहचान मोहम्मद सलीम के रूप में की गई है. 

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बरहरवा में आरोपियों के घरों का दौरा दिया और मौके पर जाकर जांच भी की. बरहरवा थाने के प्रभारी सुमित कुमार का कहना है कि मामले में औपराचिक शिकायत मिलने के बाद वे FIR दर्ज करेंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें पता चला है कि SIR के लिए सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए. उन्होंने कहा, "यह गलत है. हम इस मामले में कार्रवाई करेंगे."

CEO के. रवि कुमार ने मामले में जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को सभी दस्तावेज़ों की जांच करने का निर्देश दिया है. CEO के. रवि कुमार के मुताबिक, अगर जांच में  किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत या फर्जी दस्तावेज जमा किए जाने की पुष्टि हुई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. 

संथाल परगना क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी साहिबगंज, दुमका, गोड्डा और देवघर जैसे जिलों में मतदाता सूची में संदिग्ध नाम शामिल किए जाने को लेकर की गई शिकायतों की जांच करेंगे, साथ ही चुनावी अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. 

चुनाव आयोग ने 43.61 लाख से ज्यादा नाम हटाने के बाद 5 अगस्त को झारखंड में मतदाता सूची का मसौदा जारी किया था.  राज्य में SIR से पहले 2.64 करोड़ मतदाता थे. वहीं गिनती के बाद, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.21 करोड़ मतदाता हैं. एक अधिकारी ने बताया, चुनाव आयोग ने राज्य में SIR के तहत दावे और आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है. वहीं संशोधित वोटर लिस्ट अब 19 अक्टूबर को जारी की जाएगी. 

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