भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 5 से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे पर हैं. रविवार को उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहित द्विपक्षीय सहयोग के कई क्षेत्रों पर चर्चा की.
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस मुलाकात की जानकारी दी. उन्होंने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए कतर के प्रधानमंत्री का आभार भी जताया.
जयशंकर ने लिखा, 'हमने द्विपक्षीय सहयोग के कई पहलुओं, खास तौर पर ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और पीपल टू पीपल रिलेशन की समीक्षा की. हमारी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के नए मौकों को तलाशा.'
मिडिल-ईस्ट के बदलते समीकरणों पर बातचीत
जयशंकर का खाड़ी देशों का ये दौरा मिडिल-ईस्ट में तेजी से बदलते हालातों के बीच हो रहा है. हाल ही में अमेरिका-इरान संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. जयशंकर ने पीएम अल-थानी के साथ मिडिल-ईस्ट संघर्ष और उसके प्रभाव पर उनके विचारों को साझा करने की तारीफ की.
13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे जयशंकर
इस छह दिवसीय यात्रा के दौरान जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे. खाड़ी देशों के दौरे के बाद, विदेश मंत्री 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे. वहां वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के 2028-29 के कार्यकाल के लिए आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे.
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इसके बाद 14-15 जुलाई को जयशंकर ब्रसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे और यूरोपीय संघ तथा बेल्जियम के समकक्षों के साथ बातचीत करेंगे.