देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. कहीं मॉनसून की विदाई का दौर चल रहा है, तो कहीं उत्तर-पूर्वी मॉनसून दस्तक देने की तैयारी में है. इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. इसके असर से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका है. वहीं, दक्षिण भारत में 15 अक्टूबर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है.
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, गुरुवार को देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है. आईएमडी के 15 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. दूसरी ओर, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है. इस तरह अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का बदला हुआ रूप देखने को मिल सकता है.
मॉनसून की वापसी के बीच मौसम में बदलाव
देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, 14 अक्टूबर को मॉनसून की वापसी रेखा धुबरी, कोलकाता, अंगुल, खम्मम और होनावर से गुजर रही थी. बाकी हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आमतौर पर जून से सितंबर के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश लाता है. इसके कमजोर पड़ने और वापसी के साथ दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मॉनसून सक्रिय होने लगता है. इस बदलाव के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
दिल्ली-NCR, उत्तर भारत में बारिश-ओलावृष्टि
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में बदलाव जारी है. दिल्ली-एनसीआर में 14 अक्टूबर को छिटपुट बारिश के बाद 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में भी बारिश की संभावना है.
बारिश के साथ ओलावृष्टि लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर ओले पड़ने का अनुमान है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है. तेज हवाओं को लेकर भी मौसम विभाग ने सतर्क किया है. हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बिजली चमकने की संभावना है.
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मॉनसून की दस्तक
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है, तो दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मॉनसून सक्रिय होने जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अक्टूबर से दक्षिणी प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मॉनसून की बारिश शुरू होने की उम्मीद है. इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है.
इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ अंदरूनी इलाकों में भी झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. उत्तर-पूर्वी मॉनसून दक्षिण भारत के लिए खास महत्व रखता है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश का मुख्य दौर खत्म होने के बाद तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली बारिश का बड़ा हिस्सा इसी मॉनसून से मिलता है. ऐसे में इसके सक्रिय होने से दक्षिणी राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है.
मध्य और पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम
मौसम का असर केवल उत्तर और दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रहेगा. मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने की संभावना है.
कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है. वहीं, तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा के तटीय इलाकों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है. बारिश और तेज हवाओं के बीच तटीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना रह सकता है. फिलहाल, मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की है.