भारी बारिश के कारण उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार, बंगाल तक बाढ़ जैसे हालात हैं. यूपी में चित्रकूट से प्रयागराज और वाराणसी तक प्रभावित हैं. वहीं, बिहार के 16 जिलों में बाढ़ से लाखों की आबादी प्रभावित है. मध्य प्रदेश में भी मंदाकिनी और नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश के कारण हालात ठीक नहीं हैं.
यूपी के वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है. शुक्रवार की सुबह 6 बजे राजघाट में गंगा नदी का जलस्तर 70.68 मीटर रिकॉर्ड किया गया. यहां खतरे का निशान 71.262 मीटर और चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है. बलिया में बक्सर और गायघाट गेज, दोनों जगह गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. बक्सर गेज पर डेंजर लेवल 60.32 मीटर है और गंगा का जलस्तर 60.32 मीटर है.
बलिया के गायघाट गेज पर डेंजर लेवल 57.615 मीटर है और गंगा का जलस्तर 59.87 मीटर रिकॉर्ड किया गया. बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जिले में घाघरा और टोंस नदियों का जलस्तर भी बढ़ाव पर है. यूपी के ही गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है.
घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान को पार कर गया है. एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर रिकॉर्ड किया गया. इससे गोंडा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है. वहीं, बिहार में भी करीब पांच लाख की आबादी बाढ़ की जद में है.
बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के दूसरे तरफ नकटा दियारा इलाका पूरी तरीके से जानमग्न हो गया है. वहां से लोग पलायन करके नाव के जरिए सुरक्षित स्थान पहुंचने के लिए मजबूर हैं. पटना में बाढ़ का संकट गहरा गया है. गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल से काफी ऊपर बड़ा है.
खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने 8 जिलों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. बिहार की बात करें तो पटना के गांधीघाट, दीघाघाट, हाथीदह, कोल्हाचक में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. भागलपुर के सुल्तानगंज, कहलगांव और अजमाबाद में भी गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है.
साहिबगंज में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और सड़कें समंदर बन चुकी हैं. अमानगंज में मिढ़ासन नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, तो वहीं किलकिला नदी ने भी विकराल रूप ले लिया है.
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने बाढ़ में डूबे मकानों से फंसे लोगों को रेस्क्यू किया. पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वार्ड नंबर 3, वार्ड 4 और नदी घाट के किनारे बसे परिवारों को तुरंत घर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं. उत्तराखंड के बागेश्वर में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड से कई रास्ते बंद हो गए हैं.
चमोली में भी गोपेश्वर-उखीमठ-केदारनाथ रोड भी ब्लॉक हो गया है. टिहरी के भिगुन में भी लैंडस्लाइड हुआ है. हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश के कारण हालात खराब हैं. कांगड़ा के डेहरा तालुका में आफत की बारिश से जनजीवन मुहाल हो गया है. वहीं, धर्मशाला में लैंडस्लाइड के कारण पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है. इसकी वजह से पेयजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है.