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तमिलनाडु में Gen Z वोट पर TVK का दावा, 68% युवाओं ने विजय का साथ दिया

TVK, BJP, कांग्रेस और CJP के युवा नेताओं ने Gen Z के वोट को लेकर अलग-अलग राय रखी, नौकरी, गवर्नेंस, ईमानदारी, बेरोज़गारी और चुनावी विश्वसनीयता युवा वोटरों के लिए मुख्य मुद्दे बनकर उभरे.

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देश का Gen Z किसके साथ? (Photo-ITG)
देश का Gen Z किसके साथ? (Photo-ITG)

तमिलनाडु की राजनीति में Gen Z मतदाताओं की भूमिका को लेकर इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में चर्चा हुई. TVK के प्रवक्ता एम. सत्य कुमार ने दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 68% Gen Z मतदाताओं ने TVK का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि रोजगार, बेहतर शासन और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के फोकस ने युवा मतदाताओं के बीच उसकी अपील बढ़ाई.

सत्य कुमार ने कहा कि TVK प्रमुख जोसेफ विजय ने पार्टी की शुरुआत से ही Gen Z को ध्यान में रखते हुए अपनी बात रखी. उनके मुताबिक, युवा मतदाता राजनीतिक नेताओं में ईमानदारी, मूल्यों और सीधे संवाद को महत्व दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि TVK का संदेश केवल राजनीतिक वादों तक सीमित नहीं था, बल्कि सरकार और उसके विभाग लोगों की समस्याओं को कितनी प्रभावी तरीके से हल करते हैं, इस पर भी केंद्रित था.

सत्य कुमार के अनुसार, युवाओं की प्रमुख मांगों में नौकरी, बेहतर शासन व्यवस्था और सरकारी विभागों की कार्य क्षमता शामिल हैं. उन्होंने कहा कि विजय जिस भाषा में युवाओं से संवाद करते हैं, वह उन्हें आसानी से समझ आती है.

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सोशल मीडिया पर विजय की लोकप्रियता का किया जिक्र

TVK प्रवक्ता ने कहा कि विजय के भाषणों और सार्वजनिक बयानों को सोशल मीडिया पर खासतौर पर युवा वर्ग के बीच बड़ी प्रतिक्रिया मिलती है. उनके मुताबिक, विजय राजनीतिक मुद्दों और पार्टी की सोच को युवाओं की भाषा में रखने में सक्षम हैं.
सत्य कुमार ने यह भी दावा किया कि Gen Z मतदाताओं की राजनीतिक पसंद का असर उनके माता-पिता और परिवार के दूसरे उम्रदराज सदस्यों पर भी पड़ता है. उन्होंने रोजगार, गवर्नेंस और सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता को TVK के समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि इन्हीं मुद्दों के कारण पार्टी को बड़ी संख्या में वोट मिले.

Gen Z किसके साथ? BJP और कांग्रेस ने भी रखी अपनी बात

Gen Z के राजनीतिक रुझान को लेकर चर्चा में BJP के अनिल के. एंटनी और कांग्रेस के केएस शबरीनाथन ने भी अपनी राय रखी. अनिल के. एंटनी ने कहा कि युवाओं की राजनीतिक भागीदारी कोई नई घटना नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चल रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि BJP को भी युवा मतदाताओं का समर्थन मिला है और पार्टी में संगठनात्मक बदलावों के जरिए नई पीढ़ी से जुड़ने की कोशिश की गई है.

एंटनी ने पिछले कुछ बड़े चुनावों में BJP के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि अगर युवा मतदाताओं ने पार्टी को वोट नहीं दिया होता तो उसे चुनावी सफलता कैसे मिलती. उन्होंने युवाओं के मुद्दों पर कहा कि भारत हाई-टेक सेक्टर, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि BJP युवा पीढ़ी के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी.

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कांग्रेस ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया

कांग्रेस के केएस शबरीनाथन ने कहा कि युवाओं से जुड़े कई मुद्दों का अभी पर्याप्त समाधान नहीं हुआ है. उन्होंने खास तौर पर ग्रेजुएट बेरोजगारी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि Gen Z ऐसे नेताओं की तलाश में है, जो ईमानदारी और मूल्यों के साथ युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करें. केरल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि युवा मतदाता उन नेताओं और राजनीतिक विचारों का समर्थन करने को तैयार हैं, जो उनके मुद्दों से जुड़ते हैं.

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चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी उठी चर्चा

CJP के दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी ने युवाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े व्यापक सवालों से भी जोड़ा. उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आंदोलनों के पीछे लगातार किए गए प्रयास होते हैं और इसी तरह की लामबंदी दूसरे शहरों में भी देखने को मिल सकती है.

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया. सत्र में दक्षिण भारत की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका, रोजगार, शासन, नेतृत्व और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी.

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