ट्रेनों में चोरी करने के मामले में ग्वालियर जीआरपी ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसका फैमिली बैकग्राउंड और एजुकेशन की जानकारी सामने आने के बाद मामला चर्चा में है. आरोपी बीटेक ग्रेजुएट यानी इंजीनियर बताया जा रहा है और उसके पिता एयरफोर्स में नौकरी करते हैं. आरोप है कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोच में यात्रियों का सामान चोरी करता था. वह आम यात्री की तरह ट्रेन में सफर करता, मौका तलाशता और बैग लेकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था. पुलिस ने आरोपी से जुड़े मामले में 34 बैग बरामद किए हैं. इनमें मौजूद सामान की कीमत करीब 8 लाख 26 हजार रुपये आंकी गई है.
ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाने के लिए आरोपी कथित तौर पर एक खास तरीका अपनाता था. वह अच्छे और महंगे कपड़े पहनकर एसी कोच में सवार होता, जिससे दूसरे यात्रियों को उस पर संदेह न हो. सफर के दौरान वह यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखता था. जैसे ही किसी यात्री का ध्यान हटता, वह उसका बैग उठाकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था.
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान दीपक मौर्य के रूप में सामने आई है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह बीटेक की पढ़ाई कर चुका है और उसके पिता एयरफोर्स में हैं. आरोपी पर अपनी गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए चोरी करने का आरोप है. हालांकि, उसके मकसद से जुड़ी इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि पुलिस के बयान से किया जाना जरूरी है.
जांच के दौरान जीटी एक्सप्रेस में हुई चोरी का मामला भी सामने आया. गोल का मंदिर क्षेत्र के प्रगति विहार निवासी दीपक शर्मा के सामान की चोरी के मामले में आरोपी की भूमिका की जांच की गई.
इसके अलावा, नागपुर निवासी विशाखा शशिकांत के सामान की चोरी के एक अन्य मामले में भी उसका नाम सामने आने की जानकारी है.
जीआरपी ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर 34 बैग बरामद किए हैं. इनमें ट्रॉली बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान शामिल बताया गया है. बरामद सामान का कुल मूल्य करीब 8 लाख 26 हजार रुपये आंका गया है. देखें VIDEO:-
जीआरपी DSP कीर्ति नरवरिया के मुताबिक, आरोपी पहले एक फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है. आर्थिक नुकसान के बाद उसकी परिस्थितियां बदलीं और इसके बाद उसके चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किन-किन ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाया और बरामद सामान किन लोगों का है.
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है. जीआरपी को उम्मीद है कि बरामद सामान की पहचान और पूछताछ के जरिए चोरी की अन्य वारदातों की जानकारी मिल सकती है. अब देखना होगा कि जांच में इस मामले से जुड़े और कितने तथ्य सामने आते हैं.