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चुनावी राज्यों में जनगणना की टाइमिंग पर भड़की कांग्रेस, कहा- खराब प्लानिंग

चुनावी राज्यों में जनगणना की प्रक्रिया पहले शुरू करने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे सरकार की खराब प्लानिंग बताया है.

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चुनावी राज्यों में जनगणना प्रक्रिया शुरू करने पर भड़की कांग्रेस
चुनावी राज्यों में जनगणना प्रक्रिया शुरू करने पर भड़की कांग्रेस

शनिवार को जनगणना 2027 को लेकर एक अधिसूचना जारी की गई. इसमें कहा गया है कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक आबादी की गिनती की जाएगी. इन राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत में चुनाव हो सकते हैं, ऐसे में यहां प्रक्रिया पहले शुरू करने का फैसला किया गया है. लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसपर सवाल उठाया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे सरकार की खराब प्लानिंग बताया है.

सरकारी अधिसूचना जारी करते हुए भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृंत्युजय कुमार नारायण ने कहा है कि चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए इन राज्यों में जनगणना की प्रक्रिया पहले शुरू की जा रही है. इन इलाकों में नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक खुद अपनी जानकारी दर्ज करने या सेल्फ एन्युमरेशन का विकल्प चुन सकते हैं. 

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनावी राज्यों में समय से पहले जनगणना की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर सवाल उठाए हैं. जयराम रमेश का कहना है कि यह बीजेपी की खराब प्लानिंग है. साथ ही, जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया है कि चुनावी राज्यों में जनगणना पहले कराने का कोई राजनीतिक मकसद भी हो सकता है. 

जयराम रमेश ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'चुनावी राज्यों में पहले जनगणना की प्रक्रिया शुरू होना खराब प्लानिंग को दिखाता है. इन्हें पता था कि चुनाव होने वाले हैं. फिर अचानक ये समझदारी कैसे आ गई? इसमें कोई शक नहीं है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है.'

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यह भी पढ़ें: UP समेत चार चुनावी राज्यों में पहले होगी जनगणना, 1 दिसंबर से गिनती शूरू

साथ ही, जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया है कि जाति से जुड़ा सवाल नंबर 10 जानबूझकर खराब तरीके से तैयार किया गया ताकि जनगणना की प्रक्रिया बेमतलब हो जाए. 

जयराम रमेश का कहना है कि इस मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं. जयराम रमेश का कहना है के नेता प्रतिपक्ष के सुझावों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है. 

बता दें चुनावी राज्यों में 1 दिसंबर 2026 से 4 जिनवरी 2027 तक आबादी की गिनती की जाएगी. सरकारी अधिसूचना में कहा गया है, "उत्तराखंड के बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा, और पंजाब के बाकी सभी क्षेत्रों में जनगणना का काम 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक काम काम किया जाएगा. इसके बाद 5 जनवरी 2027 से 9 जनवरी 2027 तक जानकारी की दोबारा जांच की जाएगी."

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