जयराम रमेश (Jairam Ramesh) कांग्रेस नेता हैं. वह राज्यसभा में कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. जुलाई 2011 में, जयराम को भारत के केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पदोन्नत किया गया और ग्रामीण विकास मंत्री और नए पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय का मंत्री (अतिरिक्त प्रभार) नियुक्त किया गया. हालांकि, अक्टूबर 2012 में कैबिनेट फेरबदल में, उनसे पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय का पोर्टफोलियो वापस ले लिया गया. वह पहले, मई 2009 से जुलाई 2011 तक पर्यावरण और वन मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे.
जयराम रमेश का जन्म 9 अप्रैल 1954 को कर्नाटक के चिकमंगलूर में हुआ था. उन्होंने 26 जनवरी 1981 को केआर जयश्री से शादी की. वह वर्तमान में नई दिल्ली के लोदी गार्डन में रहते हैं. साल 2019 में उनकी पत्नी का निधन हो गया.
जयराम ने सेंट जेवियर्स स्कूल, रांची में ग्रेड 3 से 5 तक पढ़ाई की. जयराम ने 1975 में आईआईटी बॉम्बे से बी.टेक के साथ स्नातक की उपाधि हासिल की. उन्होंने कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के हेंज कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सार्वजनिक नीति और सार्वजनिक प्रबंधन में मास्टर ऑफ साइंस किया.
PM आवास के पास स्थित भारतीय वायुसेना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन वापस लेने की केंद्र सरकार की कार्रवाई पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता ने इसे वायुसेना परिवार का अपमान बताते हुए 'शर्मनाक' कदम कहा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस जमीन पर वायुसेना का नियंत्रण बनाए रखने की अपील की थी.
दिल्ली के रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन की 40 एकड़ जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया है. पूर्व वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर जमीन पर वायु सेना का नियंत्रण बनाए रखने की मांग की.
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने कहा कि यह जानकारी इसलिए छुपाई जा रही है क्योंकि इससे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में हुई हेराफेरी का पर्दाफाश हो सकता है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जनगणना 2027 के नियमों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि RSS-BJP से जुड़े कार्यकर्ताओं को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो सकती है. उन्होंने जनगणना की निष्पक्षता पर भी चिंता जताई है.
कांग्रेस ने SIR को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल पूछे हैं. जयराम रमेश ने पूछा कि SIR के बाद कितने घुसपैठियों का पता लगाया गया, कितनों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और कितनों को देश से बाहर भेजा गया.
दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध बढ़ता जा रहा है. इस बीच, समाजवादी पार्टी ने आज के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया और प्रदर्शन से पहले हुए लंच में भी कई दिग्गज नेता गायब रहे. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस पर सफाई दी है.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से अलग होने पर भी चर्चा हुई.
गृह मंत्रालय के तहत बनी हाई-लेवल कमेटी ने राज्यों से कथित तौर पर पिछले 15 वर्षों का धर्मवार डेटा मांगा है, जिसमें जन्म, वाहन रजिस्ट्रेशन, स्कूल दाखिले और प्रॉपर्टी लेन-देन के आंकड़े शामिल हैं. साथ ही धार्मिक ढांचों और आधार, वोटर ID व राशन कार्ड रजिस्ट्रेशन में असामान्य बढ़ोतरी की जानकारी भी मांगी गई है.
चुनावी राज्यों में जनगणना की प्रक्रिया पहले शुरू करने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे सरकार की खराब प्लानिंग बताया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में जाति जनगणना की वर्तमान प्रश्नावली को रद्द करने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों तथा आम लोगों से चर्चा के बाद नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग की है.
कांग्रेस ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया है कि वह OBC आबादी की संख्या को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है. पार्टी, 2011 की जाति आधारित जनगणना की वैधता पर NDA सरकार के ही तर्क का इस्तेमाल करके उसे घेरने की कोशिश कर रही है.
स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की है. इसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और सांसद इमरान मसूद ने अमित शाह पर पलटवार किया है. जयराम रमेश ने अमित शाह की विचारधारा और उनके पिछले विवादों को लेकर उनपर तंज कसा.
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है.
प्रधानमंत्री मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान और महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष ने निशाना साधा. कांग्रेस समेत कई दलों ने इसे राजनीति और असहमति जताने वालों को निशाना बनाने की कोशिश बताया, जबकि बीजेपी ने प्रधानमंत्री के संबोधन को विकसित और आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप बताया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण पर विपक्ष और भाजपा के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है. विपक्ष ने ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी और महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा. कांग्रेस समेत कई दलों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक हमलों के लिए नहीं होना चाहिए. वहीं भाजपा नेताओं ने भाषण को विकसित भारत, युवाओं और महिला सशक्तीकरण का स्पष्ट रोडमैप बताया.
शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गाया गया. लेकिन बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने दूसरे अंतरे के बाद इसे रोकने की कोशिश की. हालांकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसपर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है.
प्रधानमंत्री मोदी के 'दिमागाी नक्सल' वाले बयान पर कांग्रेस ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि जिन्हें वे अर्बन नक्सल और दिमागी नक्सल कहते हैं उन्हीं की बातें वे बाद में मानते हैं.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सत्र के दौरान विपक्ष की एकजुटता का हवाला देते हुए पांच ऐसी बातों को गिनाया, जिनमें सरकार के कई अहम विधेयक आगे नहीं बढ़ सके या टल गए, और उन्होंने वन नेशन वन इलेक्शन से लेकर परिसीमन तक के मामलों का जिक्र किया.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे. यहां कांग्रेस नेता जयराम रमेश से मुलाकात के दौरान उन्होंने खुद को 'सड़क का लड़ाका' बताते हुए प्रतिक्रिया दी. संसद में एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया. फिलहाल उनकी अगली जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं में सुधार के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स बनाई है. कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री की दागदार छवि सुधारने की कोशिश बताया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने पहले भी कई कमिटियां बनाईं, लेकिन उनकी सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं हुईं.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से चार अधिकारियों को एक साथ हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि किसी केंद्रीय मंत्री के पूरे स्टाफ को एक साथ हटाया जाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जा सकता और सरकार को इस कार्रवाई के पीछे की वजहों को सार्वजनिक करना चाहिए.