बिहार के चंपारण में दहेज में भैंस और बाइक न मिलने पर पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी सुभाष यादव को छह साल बाद उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है. पति ने दहेज में भैंस न मिलने के कारण अपने पत्नी की 2020 में हत्या कर दी थी.
मामला बिहार के पश्चिम चंपारण का है. मृतक की पहचान रीना देवी के रूप में हुई है. मृतक की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया. उनका आरोप है कि दहेज में भैंस और बाइक न मिलने के कारण सुभाष ने उनकी बेटी की हत्या कर दी. बताया गया है कि 2020 में रीना के पति सुभाष ने रीना की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए पहले शव को जलाया और फिर उसके टुकड़े कर अवशेषों को बोरी में भर दिया. बाद में उसने इन बोरियों को ठिकाने लगा दिया.
अदालत ने मामले में मृतक रीना देवी के पति सुभाष को दोषी माना है और उसे उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 1 लाख का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा सबूत मिटाने के मामले में भी सात साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. साथ ही, रीना और सुभाष के नाबालिग बच्चों के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं.
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पुलिस ने मामले की जांच में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया और आरोप पत्र दाखिल किया. जिसके बाद मंगलवार को बगहा शहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने सुभाष यादव को रीना देवी की हत्या का दोषी ठहराया और सुसंगत धारा के तहत उम्रकैद की सज़ा सुनाई. सजा सुनाते हुए अदालत ने रीना और सुभाष के बच्चों का भी ध्यान दिया. कोर्ट ने बच्चों की परवरिश में मदद के लिए बिहार सरकार को हर महीने चार-चार हजार देने का निर्देश दिया. साथ ही उन्हें डीएलसी पुनर्वास योजना का लाभ देने का भी आदेश दिया गया है.