देश के कई हिस्सों में मॉनसून का कहर लगातार जारी है. पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम और दक्षिण भारत तक भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. सबसे ज्यादा असर असम में देखने को मिल रहा है, जहां हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. वहीं गुजरात, ओडिशा और केरल में भी प्रशासन हाई अलर्ट पर है. दूसरी तरफ कर्नाटक के कबीनी बांध से पानी छोड़े जाने के बाद तमिलनाडु के निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
जम्मू-कश्मीर में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं. वुलर झील का जलस्तर बढ़ने पर बांदीपोरा प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. वहीं सोनमर्ग के सरबल इलाके में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आई, हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
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असम में 1.36 लाख लोग प्रभावित, तीन की मौत
असम में बाढ़ का असर अब भी पांच जिलों- गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और धेमाजी में बना हुआ है. राज्य के 21 राजस्व सर्किल और 335 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 136,203 लोग इस आपदा की चपेट में हैं, जबकि 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. शिवसागर जिले में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग अब भी लापता हैं. बाढ़ की वजह से अब तक कुल 82 लोगों की मौत हो चुकी है.
शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है. यहां नेपाली खूटी इलाके के ग्रामीणों ने छह देसी नावों की मदद से पांच गांवों के एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 करोड़ रुपये देने के लिए उद्योगपति गौतम अडानी और 21 करोड़ रुपये के योगदान के लिए रिलायंस फाउंडेशन का आभार जताया है.
गुजरात, ओडिशा और केरल में भी अलर्ट
- गुजरात में मौसम विभाग ने मोरबी, सुरेंद्रनगर, राजकोट और अहमदाबाद समेत छह जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. सौराष्ट्र क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
- ओडिशा में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन महानदी बेसिन के कटक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और खुर्दा जैसे जिलों में खतरा अभी बरकरार है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए चार मंत्रियों को तैनात किया है.
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- केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं. तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है. समुद्र में खराब मौसम के चलते मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है. अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता बताए गए हैं. केरल में बाढ़ की वजह से आठ लोगों की मौत भी हो गई है.
तमिलनाडु में बढ़ा बाढ़ का खतरा
कर्नाटक के मैसूरु स्थित कबीनी बांध में केरल के कैचमेंट क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी आने के बाद शनिवार को नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा गया. शाम तक जल प्रवाह बढ़ाकर 12 हजार क्यूसेक कर दिया गया.
अधिकारियों ने बताया कि यह पानी आगे तमिलनाडु की ओर जाएगा. इसे देखते हुए कबीनी और कावेरी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से नदी के किनारे न जाने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है.