दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अपना फैसला सुनाया है. इस मामले में ताहिर हुसैन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई.
इस बीच, अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि ताहिर हुसैन समेत सभी दोषियों को फांसी की सजा मिले. हमारे भाई के केस को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में कोर्ट को देखना चाहिए.
अंकुर शर्मा ने कहा, मेरे भाई को बुरी तरह से मारा गया था. बॉडी पर 55 चाकुओं के घाव थे, तेजाब से जलाया गया था, बाद में बॉडी नाले में फेंक दी गई थी.
इसलिए कोर्ट को इस केस को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में देखना चाहिए था. दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी, ताकि ऐसा सबक मिले कि भविष्य में किसी के साथ वैसा न हो, जैसा हमारे भाई अंकित शर्मा के साथ हुआ. अंकुर ने कहा कि वह देश के लिए अपनी ड्यूटी करते हुए शहीद हुए. हम दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी और वकील से बात करेंगे, फिर आगे की रणनीति तय करेंगे.
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बता दें, अदालत ने शुक्रवार को अपने आदेश में कहा कि अंकित शर्मा को केवल उनके धर्म की वजह से हिंसक भीड़ ने अपना निशाना बनाया. उन्हें एक ऐसी उन्मादी भीड़ ने घेर लिया, जो खून की प्यास से भरी हुई थी. उन पर बेहद करीब से लगातार और बेरहमी से हमला किया गया. हमला इतना भीषण था कि मौत के बाद भी उनका शव तुरंत जमीन पर नहीं गिरा.
कोर्ट ने बताया कि इस क्रूरता का अंत यहीं नहीं हुआ. हत्या के बाद अंकित शर्मा के शव को किसी जानवर की तरह बांधकर चांद बाग पुलिया तक घसीटा गया. इसके बाद भी हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और शव को नाले में फेंक दिया गया.
कोर्ट ने माना था कि अपराध की प्रकृति और उसकी भयावहता को जांचने पर यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी की ओर जाता है, हालांकि फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' नहीं माना और ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई.